ओशो के विचार
Posted by Sanjiv Chadha Saturday, March 31, 2012 at 02:43
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हमारे सहयोगी, जालंधर ओशो धाम दिल्ली व ओशो फ्रेंड्स क्लब जालंधर की ओर से रविवार को ओशो फिल्म महोत्सव का आयोजन रेड क्रास भवन, लाजपत नगर में किया गया। इसमें ओशो के जीवन यात्रा से जुड़ी बातों व विचारधाराओं को स्क्रीन के माध्यम से दिखाया गया। विभिन्न जगहों से आए ओशो प्रेमी महोत्सव में शामिल हुए।
महोत्सव में सद्गुरु परम रहस्य, वे आफ द आर्ट (इंग्लिश), ओशो एक विरोध व समुवुध जीवन की फिल्में दिखाई गई। सद्गुरु परम रहस्य में बताया गया कि गुरु से मिलकर ही अज्ञानता को दूर किया जा सकता है। मनुष्य के जीवन में ज्ञान डालने वाला गुरु ही होता है। ओशो एक विरोधी में दिखाया गया कि जब ओशो ने सब कुछ जान लिया था तो वह विरोधी बन गए, क्योंकि सच्चाई बताना भी एक विरोध है। समुवुध जीवन में बताया गया कि मनुष्य को हर दिन उत्सव मनाना चाहिए। जीवन में खुद को हमेशा खुश रखना ही उत्सव है, क्योंकि उत्सव हमारी जाती व आंनद हमारा गोत्र है।
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/punjab/4_2_9058136.html |
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| Thanx to my beloved Master Osho..
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| Comments by 'Osho lover' from 'India' on Monday, April 02, 2012 at 01:46 |
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