Osho World Online Hindi Magazine :: August 2012
www.oshoworld.com
 
गतिविधियां
ओशोधाम

गुरु पूर्णिमा महोत्सव

नई दिल्ली स्थित ओशोधाम में 28 जून से 3 जुलाई तक गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। पांच दिवसीय इस कार्यक्रम का शुभारंभ संध्या ‘व्हाइटरोब ब्रदरहुड से हुयी। जिसका संचालन मा धर्म ज्योति और स्वामी चैतन्य कीर्ति ने किया। प्रत्येक वर्ष आषाढ़ माह की पूर्णिमा को मनाये जाने वाला यह उत्सव गुरु और शिष्य के संबंधों को समर्पित है।

कार्यक्रम में प्रत्येक संध्या में कुंडलिनी ध्यान और व्हाइटरोब के साथ ओशो-प्रवचनों का वीडियो भी दिखाया गया। साथ ही साथ शिविर में कई मित्र सदगुरू ओशो के नव-संन्यास से दीक्षित हुए। प्रश्नोत्तर काल में साधकों के प्रश्नों का भी जवाब दिया गया। अध्यात्म गुरु ओशो के साथ हुए प्रथम साक्षात्कार के अपने अनुभव को मा धर्म ज्योति ने उपस्थित संन्यासियों के साथ बाटें और कहा, गुरु का साथ मिलना परमात्मा के सुख से भी ज्यादा है।

पांच दिनों तक आयोजित हुए इस उत्सव में देश और विदेश से तीन सौ से अधिक ओशो संन्यासियों और प्रेमियों की उपस्थित रही।

ओशोधाम में आगामी कार्यक्रमों की शृंखला में 1 से 5 अगस्त सूफी वाज़द ध्यान शिविर, जिसका संचालन स्वामी आनंद कुल भूषण व स्वामी रविन्द्र भारती करेंगे। दि वे ऑफ दि हार्ट 15 से 19 अगस्त तक चलेगा। इस ध्यान शिविर का संचालन मा धर्म ज्योति व स्वामी प्रेम वर्तन करेंगे। भक्ति ध्यान शिविर 22 से 26 अगस्त तक चलेगा जिसके संचालक होगें स्वामी शिव भारती व मा योग मधु । माह के अंतिम दिन 31 अगस्त से 02 सितम्बर तक गुरजिएफ सेक्रिड मूवमेंट्स ध्यान शिविर मा प्रेम आमियो तथा स्वामी प्रेम चेतन के साथ होगा।

विडियो
समय: 3 मिनट 39 सेकंड

ओशो वर्ल्ड गैलेरिया

गुरु पूर्णिमा उत्सव

गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में 27 जून की संध्या ओशो वर्ल्ड गैलेरिया में शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम हुआ। संगीत के शुभारंभ से पहले मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका सुश्री प्रिया कानूनगो के साथ स्वामी सत्य वेदांत और स्वामी आनंद संत ने ओशो के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया।

कार्यक्रम के दौरान गुरु-शिष्य के ओशो प्रवचनों को ओशो प्रेमियों और संन्यासियों ने मौनपूर्वक सुना। सुर-संध्या में गायिका प्रिया कानूनगो ने अपने मधुर स्वर में मीरा के भजनों को गाया। जिसे सुनकर सभी मित्र मगन हो झूमने लगे।

वहीं स्वामी आनंद कुलभूषण ने ओशो से जुडने के बाद जीवन में आए बदलाव के अनुभव को वहाँ उपस्थिति सभी मित्रों के साथ बांटा। कार्यक्रम का संचालन स्वामी रविन्द्र भारती ने किया जिसमें अनेक गणमान्य लोगो की उपस्थित रही।

विडियो
समय: 3 मिनट 6 सेकंड

   

   

   

ओशो किलिम

तुर्की देश की विशेष कलाकृति से बनी 'ओशो किलिम' कालीन की प्रदर्शनी का आयोजन 7 जुलाई को नई दिल्ली स्थित ओशो वर्ल्ड गैलेरिया में किया गया। ओशो संन्यासियों और प्रेमियों के लिए कालीन की प्रदर्शनी का नज़ारा स्वामी वीत लक्षेन ने दिखाया, जो कि ओशो के शिष्य हैं।

'ओशो किलिम' पर बने ओशो के हस्ताक्षर की डिजाइन, कालीन की खूबसूरती को बयां करते हैं। तुर्की की खास तकनीकी से बनी इस कारपेट को हाथों से बनाया गया है जिसमें महिला कारीगरों ने अपने हुनर से इसकी बुनाई की है। कालीन के बारे में स्वामी लक्षेन ने बताया ''यह 'ओशो किलिम' तुर्की की सबसे प्राचीन कला तकनीकी से बुनी गयी है।'' कालीन को बनाने की कला, उसका कपड़ा और सजावट संबुद्ध रहस्यदर्शी सदगुरु ओशो की परंपरागत कला से भी मेल खाती है।

कार्यक्रम का संचालन स्वामी रविन्द्र भारती ने किया। वहीं प्रदर्शनी के दौरान अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।

सन्यास जगत

भीमताल, नैनीताल



ओशो ओम् प्रकाश पीठ द्वारा आयोजित अप्रैल से जुलाई, गुरु पूर्णिमा तक अनेकों ध्यान-शिविर, ध्यान- ग्रुप, उत्सव और महोत्सव आयोजित हुए। शिविरों में आए सभी मित्रों ने ध्यान की गंगोत्री में डुबकी लगाई और शीतलता लेते रहे। कुछ इच्छुक मित्रों ने नव-संन्यास में दीक्षा ली। ध्यान-शिविरों का संचालन स्वामी शून्यम् प्रकाश ने किया।

-स्वामी सौभाग्य

बोधगया, बिहार

बुद्ध मंदिर के प्रांगण में दिनांक 7 व 8 जून को दो दिवसीय ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विपस्सना ध्यान की विधियों के प्रयोग भी हुए। 60 मित्रों ने शिविर में भाग लिया। मा प्रेम ईशा ने शिविर का संचालन किया।

-मा पूजा

ऋषिकेश, उत्तराखंड

7 से 10 जून ओशो गंगाधाम में तीन दिवसीय हास्य ध्यान शिविर लगा। नैसर्गिक सौंदर्य से ओत-प्रोत ध्यान केंद्र में 60 साधकों ने ओशो की गरिमा एवं देशना का खूब आनंद लिया। शिविर का संचालन स्वामी ध्यान अमीन ने किया।

-मा भूमिका

अकोला, महाराष्ट्र

दिनांक 07 से 11 जून को त्रि-दिवसीय ओशो ध्यान शिविर लगा। 60 मित्रों ने ध्यान-शिविर में भाग लिया। कार्यक्रम में कई छोटी-छोटी ध्यान विधियों को करवाया गया। 11 जून को 7 मित्रों ने नव-संन्यास दीक्षा ली।

-स्वामी विट्ठल

देवताल, जबलपुर

ओशो अमृतधाम में 9 से 17 स्वदर्शन साधना शिविर का आयोजन हुआ। ध्यान में भारत के विभिन्न प्रांतों से अनेकों मित्रों ने भाग लिया। ओशो की अनूठी ध्यान विधियों के माध्यम से सभी ने एक नए रूपांतरण का अनुभव लिया।

-स्वामी शिखर

शाहगंज, आगरा



ओशो ध्यान साधना केंद्र एवं लाइब्रेरी में 'उत्सव आमार जाति, आनंद आमार गोत्र' पर आधारित एक ध्यान-शिविर लगा। संचालन स्वामी ज्ञान दीपेश ने किया। शिविर में उपस्थिति अनेकों प्रेमियों ने ध्यान का पूर्ण आनंद लिया।

सुनाम, पंजाब



शिव निकेतन धर्मशाला में 10 जून को एक दिवसीय ओशो ध्यान शिविर संपन्न हुआ। शिविर में 35 मित्रों ने हिस्सा लिया। संचालन स्वामी चेतन विस्तार ने किया।

-स्वामी सुनील

सोलन, हिमाचल प्रदेश

ओशो सान्जेन द्वारा 21 से 24 जून होटल फोल्केन क्रेस्ट में त्रि-दिवसीय ध्यान साधना शिविर का कार्यक्रम हुआ। शिविर में विभिन्न राज्यों से 85 साधकों का आगमन हुआ। ध्यान-शिविर के साथ-साथ पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसका उपस्थित सभी प्रेमियों ने भरपूर लाभ उठाया। स्वामी आनंद विजय तथा मा जीवन दर्पण ने शिविर का संचालन किया।

भटिंडा, पंजाब



ओशो प्रेम ध्यान मंदिर में 1 जुलाई को गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। 60 मित्रों ने केंद्र में उपस्थित होकर गुरु के प्रति अपने अहोभाव प्रकट किए। शिविर का संचालन स्वामी योग निशब्द ने किया।

-स्वामी देव नमन

मालवीय नगर, नई दिल्ली



1 जुलाई की संध्या ओशो भगवानश्री मेडिटेशन सेंटर में सांध्य सत्संग का कार्यक्रम हुआ। सत्संग में स्वामी योगानंद के साथ सभी मित्र भक्ति रस में डूबे। इसके अतिरिक्त 3 जुलाई को गुरुपूर्णिमा उत्सव मनाया गया। और 8 जुलाई को स्वामी योग नित्यानंद की उपस्थिति में एक-दिवसीय शिविर का आयोजन हुआ।

आणंद, गुजरात



ओशो अनाहत ध्यान केंद्र में गुरुपूर्णिमा उत्सव बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया गया। ओशो ध्यान विधियों के साथ-साथ सभी ने नृत्य-गीत का भी आनंद लिया। स्वामी दयालू ने उत्सव का संचालन किया।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश



गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में 3 जुलाई को लखनऊ के ओशो वर्ल्ड ने एक दिवसीय ध्यान-शिविर आयोजित किया। अनेकों प्रेमियों की उपस्थिति में, उत्सव का संचालन स्वामी आत्मो निनाद व स्वामी मज़हर खान ने किया।

चित्रकूट, मध्य प्रदेश

ओशो आश्रम में दिनांक 03 जुलाई को गुरु पूर्णिमा उत्सव पूर्ण आनंद के साथ संपन्न हुआ। शिविर में ध्यान-विधियों के साथ-साथ नृत्योत्सव के कार्यक्रम भी हुए। आनंद और उत्सव से भरपूर एक दिवसीय शिविर का संचालन स्वामी अंतर्योगी ने किया।

-ओशो आश्रम

इंदौर, मध्य प्रदेश



ओशो ध्यान विज्ञान मंदिर द्वारा गुरु पूर्णिमा महोत्सव बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। शिविर में अनेक प्रेमियों की उपस्थिति रही। सभी ने उत्सव का भरपूर आनंद लिया।

अहमदाबाद, गुजरात



आनंद उत्सव ध्यान केंद्र में 3 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। शिविर में चार सत्र लगे जिसका सभी प्रेमियों ने ध्यान के साथ भरपूर आनंद लिया। 80 साधकों के साथ एक दिवसीय शिविर का संचालन स्वामी आनंद घन ने किया।

-मुस्कान

वर्धा, महाराष्ट्र



03 जुलाई, गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष में एक दिवसीय उत्सव का आयोजन किया गया। अनेकों प्रेमियों की उपस्थिति में स्वामी आनंद अभय ने शिविर का संचालन किया।

-स्वामी सुनील भारती

होशियारपुर, पंजाब



ओशो साइलेंस वैली में पांच-दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन हुआ। तेज गर्मी के बावजूद 30 मित्रों ने ध्यान-प्रयोगों को पूरी निष्ठा के साथ किया। अंतिम दिन चार मित्रों ने नव-संन्यास में छलांग लगाई। शिविर का संचालन स्वामी ओम गोविंद तथा मा प्रेम राबिया ने किया।

-मा सुजाता

माउंट आबू, राजस्थान



तीन दिवसीय शिविर के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शिविर में गुरु परताप साध की संगति पर ओशो के प्रवचनों को सुनाया गया। स्वामी अंतर जश्न के साथ 32 मित्रों ने शिविर में ध्यान का आनंद लिया। 5 साधकों ने नव-संन्यास लिया।

-बबलू

तावडू, हरियाणा



ओशो महामंदिर में 3 जुलाई को गुरु पूर्णिमा उत्सव का नृत्यमय आयोजन किया गया। शिविर में ओशो प्रवचनों तथा सूफी संगीत के दौरान सभी साधक भावविभोर हो उठे। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के अनेकों मित्रों ने हिस्सा लिया।

-स्वामी अतीत दौलत

वाराणसी, उत्तर प्रदेश



गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर 3 जुलाई को मा पद्मा के निवास स्थान शिवपुर में 'ओशो ग्लिम्प्स' पुस्तकालय का उद्घाटन हुआ। इस केंद्र में ओशो साहित्य, ध्यान विधियों के प्रयोगों हेतु सी.डी, मेडिटेटिव म्यूजिक व ओशो से संबंधित अन्य जानकारियां आसानी से उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर स्वामी गौरी शंकर भारती ने उपस्थित मित्रों को ध्यान प्रयोग करवाया।

-स्वामी वीत तमसो

ओशो तपोवन, काठमाण्डू

 

19 से 25 जून ओशो तपोवन में नो-माइंड ध्यान ग्रुप का कार्यक्रम हुआ। भारत के साथ-साथ अनेक देशों के 20 मित्रों ने शिविर में भाग लिया। ध्यान- ग्रुप का संचालन स्वामी आनंद अरुण ने किया।
26 जून से 02 जुलाई सात दिवसीय रूपांतरण शिविर लगा। ध्यान-शिविर में 140 साधकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में नियमित ध्यान विधियों के साथ-साथ विज्ञान भैरव तंत्र की कई गहन विधियों के प्रयोग भी हुए। आनंद और उत्सव के माहौल में 12 मित्रों ने संन्यास दीक्षा ली। संचालन स्वामी आनंद अरुण ने किया।

कोटा, राजस्थान



ओशो श्रद्धा ध्यान केंद्र में त्रि-दिवसीय 1 से 3 जुलाई गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। उत्सव में आए सभी मित्रों ने तीनों दिन ध्यान के साथ-साथ नृत्य-गीतों का पूरा आनंद लिया। शिविर में 60 साधकों का आगमन हुआ। मा प्रेम पूर्णिमा ने महोत्सव का संचालन किया।

-मा ध्यान ऊर्जा

देहरादून, उत्तराखंड



ओशो ओम बोधिसत्व कम्यून में 18 से 24 जून के बीच नो माइंड ग्रुप का आयोजन हुआ। ध्यान ग्रुप में देश के विभिन्न प्रांतों से 45 मित्रों ने हिस्सा लिया। शिविर का संचालन स्वामी आत्मो निनाद ने किया।S