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टैरो
अगस्त 2012 - मा दिव्यम नदीशा
 

''संन्यास के पक्षी के दो पंख हैं—प्रेम और ध्यान। जहां संन्यास है, वहां प्रेम है, वहां ध्यान है। ध्यान का अर्थ होता हैः अकेले में आनंदित होने की क्षमता; एकांत में भी रसमग्न होने की पात्रता। और प्रेम का अर्थ होता हैः संग-साथ में आनंदित होने की क्षमता। ध्यान तो है, जैसे कोई बांसुरी अकेली बजाए; और प्रेम है आर्केस्ट्रा—बांसुरी भी हो; तबला भी ताल दे; सितार भी बजे; और—और साज हों।''

-ओशो
मृत्योर्मा अमृतं गमय

मेष: मार्च 21 - अप्रैल 20

आपके कार्यक्षेत्र में संभावनाओं का विशाल सागर आपकी प्रतीक्षा कर रहा है। आपका व्यक्तित्व बहुआयामी है, इसी कारण, उन्नति के लिए, विकास के लिए भी विभिन्न प्रकार के अवसर आपके लिए उपलब्ध होंगे। यह ज़रूरी नहीं कि सभी अवसर आपको प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दें। और यह भी ज़रूरी नहीं कि आप हर अवसर को स्वीकारें। क्योंकि अभी आपके लिए सभी अवसरों को, मौकों को समान रूप से टटोलने का समय है। हर प्रकार से जाँच-पड़ताल करके ही किसी भी एक ओर निश्चय लेना आपके लिये ठीक रहेगा। अतः इस समय किसी भी तरह की जल्दबाज़ी न करें। मुख्य रूप से इस बात का ध्यान रखें कि किसी भी विषय में अंतिम निर्णय आपका अपना हो ताकि आप चुने हुए कार्य के साथ पूरा न्याय कर सकें, उसे पूरे मन से कर सकें।

वृषभ: अप्रैल 21 - मई 21

अभी जिस भी लक्ष्य को आप पाना चाहते हैं, उस ओर अपने प्रयास में और तीव्रता ले आयें। अपना पूरा ध्यान और अपनी सारी ऊर्जा को एकत्रित करके अपने लक्ष्य पर केंद्रित कर लें। आप स्वभाव से वैसे भी अत्यंत परिश्रमी हैं, इसलिये मेहनत करने से पीछे न हटें। इन दिनों यदि एक नियमित दिनचर्या बनाकर उसका पालन करेंगे तो आपके लिये लाभमय सिद्ध होगा। इससे आप अपनी ऊर्जा को व्यवस्थित तरीके से दिशा दे पायेंगे और उसका सदुपयोग कर पायेंगे। अपनी लगन और मेहनत के बलबूते पर आगे बढ़ते जायें और हर बाधा को पार करते चले जायें। आपका परिवार और आपके मित्र आपका पूर्ण रूप से सहयोग करेंगे और आपकी सहायता करने को भी तैयार रहेंगे।

मिथुन: मई 22 - जून 21

आप स्वभाव से थोड़े चंचल और विभिन्न कार्यों में रुचि लेने वाले व्यक्तियों में से हैं। आपके अनेक शौक और पसंद होने के कारण ही आपका मन विभिन्न प्रकार के कार्यों को करना चाहता है। बहुरुचियां होना प्रशंसनीय है, परंतु आपको अपने कार्यों में स्थायीत्वता लानी चाहिये। आपका मन चाहे आपको कितना भी भटकाने की कोशिश करे, पर आप जब एक कार्य करें तो पूरी तन्मयता से उसी कार्य को करें। मौन में गहरे जाना आपके स्वभाव में स्थायीपन और ठहराव लाने में आपकी सहायता करेगा।

कर्क: जून 22 - जुलाई 22

आपके सामने आ रहा हर क्षण अपने साथ चुनाव का अवसर साथ ला रहा है। चुनाव का अवसर अर्थात—शांति और अशांति में चुनाव, क्रोध और प्रसन्नता में चुनाव, आशा और निराशा में चुनाव। आपका चुनाव आपके दृष्टिकोण पर आश्रित है। इसलिये अपनी विचारशैली को, अपने दृष्टिकोण को सकारात्मक बनाये रखें। अपनी सोच को सकारात्मक बना लें कि आपको प्रतिकूल परिस्थिति भी अनुकूल प्रतीत हो, और लोगों में बुराइयों के बजाय अच्छाइयां नज़र आए। अतः अपना नज़रिया आपको इस प्रकार विकसित करना है कि सकारात्मक को चुनना है और नकारात्मक को अनदेखा करना है।

सिंह: जुलाई 23 - अगस्त 23

मनुष्य इस अस्तित्व का एक अटूट हिस्सा है। और इस अस्तित्व में वह सबसे जुड़ा है। ऐसे में यदि वह इस प्रकृति से कटा-कटा जीवन व्यतीत करे तो यह उसके विकास के लिये ज़रा भी उचित नहीं है। आप देखें कि प्रकृति से यही अलगाव कहीं आपके विकास में भी बाधक तो नहीं बन रहा? और ऐसा ज़रा भी न सोचें कि प्रकृति से जुड़ने के लिये कोई विशेष प्रयत्न करने की आवश्यकता है। नहीं, आप बस जब भी बाहर निकलें, स्वयं को थोड़ा अधिक संवेदनशील बना लें। अतः जो आपके चारों ओर प्रकृति में घट रहा है, उसके प्रति थोड़ा जागरूक रहें। ज़रा गौर से देखें बाहर की हरियाली को, ज़रा गौर से सुनें पक्षियों की चहचहाट को। इनमें ही आपके आनंद का स्रोत छिपा है।

कन्या: अगस्त 24 - सितम्बर 23

आप जीवन में थोड़े से उलझे हुए से लग रहे हैं। आपका सवभाव कुछ इस प्रकार का है कि अनेक मौकों पर निर्णय लेने में आपने कठिनाई अनुभव की है। किस कार्य को किया जाये, किसे नहीं, कौन सा तरीका अपनाया जाये, कौन सा नहीं, इन सब विषयों को लेकर आप हमेशा थोड़ा असमंजस में रहे हैं। आपके लिये दुविधापूर्ण परिस्थितियों के पुनः उत्पन्न होने के संकेत है। अतः आपके लिये बेहतर यही है कि आप इन प्रकार के हालातों से जूझने के लिये पहले से ही तैयार रहें। अपनी प्राथमिकताओं को पुनः दोहरा लें और उन पर पुनः विचार कर लें। पहले से ही निश्चित कर लें कि आपको कौन से कार्य करने हैं या कौन से लक्ष्य प्राप्त करना ज़रूरी है। और सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है अपना आत्मविश्वास—इसे पुनः जगा लें। परमात्मा पर सदा भरोसा रखें, आपके साथ जो होगा शुभ होगा।

तुला: सितम्बर 24 - अक्टूबर 23

आप स्वभाव से एक अच्छे तार्किक हैं, और इसी कारण हर परिस्थिति के अच्छे-बुरे, दायें-बायें—दोनों तरह के पहलुओं का अच्छे से जायज़ा करना जानते हैं। स्वयं अपने आप से भी विचारों में तर्क करके सही-गलत का फैसला करना, आप खूब जानते हैं। यही गुण आपको व्यापारिक क्षेत्र में, आपके कार्यक्षेत्र में आगे ले जायेगा और किसी भी स्थिति का सही आंकलन करने में सहायता करेगा। परंतु ध्यान रखें कि नाप-तौल, लेन-देन, नफा-नुकसान की परिभाषा को आप अपने कार्यक्षेत्र तक ही सीमित रखें और इनका प्रयोग अपने निजी संबंधों में न करें। आपके निजी संबंधों का स्रोत आपका हृदय है, न कि आपका मस्तिष्क। अतः आप देखें कि प्रेम को लेन-देन की क्रिया न बनने दें और जितना हो सके अपनी ओर से प्रेम बांटे, बिना किसी अपेक्षा के।

वृश्चिक: अक्टूबर 24 - नवंबर 22

बहुत ही मिला-जुला किस्म का वातावरण आप महसूस करेंगे अपने चारों ओर। ऐसा लगेगा कि विभिन्न प्रकार की चीज़े आपके इर्द-गिर्द घट रही हैं। कुछ कार्यों में आपकी सक्रिय रूप से भागीदारी रहेगी, और कुछ कार्यों में आपको केवल ग्रहणशील होकर उपस्थित रहना होगा। कुल-मिलाकर आप पूरे दिन अपने आप को किसी-न-किसी प्रकार से व्यस्त पायेंगे। अलग-अलग तरह के अनुभव एकत्रित करने का अच्छा मौका है आपके लिये। इस समय का पूरा आनंद उठायें। ध्यान करने हेतु भी आप ऐसे माहौल का भरपूर लाभ ले सकते हैं। हर कार्य को करते हुये भी कर्ता-भाव से मुक्त रहने का प्रयास करें। कोई भी काम को करते समय अपने आप को उसमें पूरी तरह लीन हो जाने दें। इस समय अनापानसति योग ध्यान को प्रतिदिन करना आपको हर कार्य में कर्ता-भाव से, आपके अहंकार से दूर रखने में सहायक होगा।

धनु: नवंबर 23 - दिसंबर 23

अपने भीतर आप एक 'खोज' या 'तलाश' की भावना महसूस कर सकते हैं। ऐसा इसलिये है क्योंकि बाह्य जगत में अनेक प्राप्तियों के बाद भी आप असंतुष्ट महसूस कर सकते हैं। आपकी खोज का मार्ग आपके भीतर जाता है। आप जब तक थोड़ा समय प्रतिदिन अपने अंदर की यात्रा के लिये नहीं निकालेंगे, तब तक आप जो संतोष चाह रहे हैं, वह आपको कैसे मिलेगा? अपनी जड़ें खोजने के लिये प्रतिदिन कोई भी एक ध्यान, जो आपको रुचिकर हो, उसे नियमित रूप से करें।

मकर: दिसंबर 24 - जनवरी 20

आप उन व्यक्तियों में से हैं जो अपने कर्मों पर विश्वास रखते हैं। यही कारण है कि आप किसी भी कार्य की सारी ज़िम्मेदारी अक्सर अपने सिर पर ले लेते हैं और चाहते हैं कि सारी कार्यप्रणाली आपके नियंत्रण में रहे। परंतु आपके सामने इस बार कुछ ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं जहां कुछ चीज़ें आपके नियंत्रण में न रहे। मनुष्य के हाथ में हर चीज़ हो, ऐसा संभव नहीं है। आपको भी यह बात समझनी होगी और मानना होगा कि मनुष्य से ऊपर भी एक ताकत है, एक शक्ति है—जिसको हम परमात्मा के रूप में जानते हैं। जब भी आपको लगे कि कोई कार्य आपके नियंत्रण से बाहर जा रहा है, तब बेहतर होगा कि हाथ-पैर मारने के बजाय आप उस स्थिति को पूर्ण रूप से स्वीकार लें। ऐसे समय में धैर्य बनाये रखें और प्रकृति के प्रति समर्पण भावना रखते हुए प्रतीक्षा का मार्ग अपनायें। जो होगा आपके लिये शुभ होगा—यही धारणा बनाकर रखें।

कुंभ: जनवरी 21 - फरवरी 19

रहीम के दोहे की यह पंक्ति बहुत प्रसिद्ध है—''रहिमन देखी बड़ेन को, लघु न दीजिये डारि, जहां काम आवे सुई, कहां करे तलवारि।'' इसी पंक्ति के अनुसार आपको भी अभी अपनी दृष्टि में समता बनाये रखने की आवश्यकता है और कोई भेद-भाव नहीं करना है। अर्थात् आपके समक्ष जो भी आये—चाहे वह कोई व्यक्ति हो, वस्तु हो, या काम हो—उसे देखने के नज़रिये में समानता बनाये रखें। अर्थात् किसी भी व्यक्ति को उसके पद, उम्र, ज्ञान आदि किसी भी आधार पर—छोटा-बड़ा, ऊंचा-नीचा आदि न समझें। और इसी प्रकार किसी वस्तु या कार्य को छोटा या बेकार समझकर, उसे हीन दृष्टि से न देखें। ऐसा बहुत हद तक संभव है कि जिसे आप अनुपयोगी या व्यर्थ समझें, वही आगे चलकर आपके लिये ज़रूरी सिद्ध हो।

मीन: फरवरी 20 - मार्च 20

ओशो कहते हैं—''मेरे ईश्वर की पहचान करनी हो तो बाहर जाने से नहीं होगी, भीतर जाने से होगी। मेरा ईश्वर अंतर्यात्रा में मिलेगा, अंतिम यात्रा की जो अंतिम मंजिल है, जहां तुम अपने में लीन होकर रह जाओगे। अगर एक क्षण को भी तुम अपने में लीन हो जाओ, डूब जाओ, बिल्कुल रोआं-रोआं डूब जाए, कुछ भी बचे नहीं अनडूबा, तो तुम जानोगे कि मैं किस ईश्वर की चर्चा कर रहा हूं।'' आपके लिये यही संदेश है कि आपको अपने भीतर डुबकी लगानी है। आपकी अध्यात्म की ओर रुचि बढ़ेगी और अपने को जानने की प्यास भी तीव्र होगी। आप इस अवसर का सदुपयोग करें और जैसा कि ओशो ने बताया, अपने में लीन होने का प्रयास करें। आप को देखकर, आपसे जुड़े लोगों को भी ध्यान में डूबने की प्रेरणा मिलेगी। उनमें भी स्वयं को जानने की प्यास जगेगी।