Osho World Online Hindi Magazine :: February 2012
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पुस्तक परिचय
वर्क इज़ लव मेड विजिबल

अंग्रेजी भाषा में यह नयी पुस्तक ओशो की लोनावला, नारगोल, मुंबई तथा माथेरान में हुई 14 अंतरंग चर्चाओं का अनूठा संकलन है।

इन प्रवचनों को हिंदी के पाठक ‘अनंत की पुकार’ पुस्तक में पढ़ सकते हैं। अंतिम प्रवचन पहली बार इस नव-निर्मित पुस्तक में प्रकाशित हुआ है।

संन्यास जीवन पर पुस्तक के एक प्रवचन में ओशो समझाते हैं: ‘‘मेरी दृष्टि में, संन्यास जीवन का अंग होना चाहिए। संन्यास जीवन को समझने और पहचानने की विधि होनी चाहिए। ऐसे आदमी का जीवन अधूरा और अधूरी शिक्षा माननी चाहिए उसकी, जो आदमी वर्ष में थोड़े दिनों के लिए संन्यासी न हो जाता हो! अगर बारह महीने में एक महीने या दो महीने कोई व्यक्ति परिपूर्ण संन्यासी का जीवन जीता हो तो उसके जीवन में आनंद के इतने द्वार खुल जाएंगे जिसकी उसे कल्पना भी नहीं हो सकती।’’

अंग्रेजी तथा हिंदी में दोनों पुस्तकें नई दिल्ली स्थित ओशो वर्ल्ड गैलेरिया में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इन अद्भुत पुस्तकों को पढ़िए और आनंदित होइए।