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हास्य-दिवस - 1 जनवरी, 2013

विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी ओशो वर्ल्ड फाउंडेशन की ओर से वर्ष का प्रथम दिन हास्य-दिवस के रूप में मनाया गया। हँसी के ठहाकों का यह उत्सव कुछ अलग ही तरीके से मनाया गया। जिसमें हास्य के साथ ही होश, जागरूकता और सजगता पर ध्यान दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे हास्य-कवि राकेश सोनी।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए स्वामी आनंद कुल भूषण ने बताया कि ‘‘हर साल हम ओशो वर्ल्ड में नया वर्ष हास्य दिवस के साथ शुरू करते हैं पर उससे पहले आप सब को हम यह कहते हैं--हैप्पी न्यू यीअर। लेकिन इस वर्ष 2013 में हम यह कहते हैं--हैप्पी न्यू इंडिया। क्योंकि जो हमारे आस-पास घट रहा है उससे यह स्लोगन--उद्घोष बनता है। और हम सब ओशो के प्रेमी हैं, जो जागरुकता के साथ ओशो का ध्यान करते हैं। इस माहौल में हमारे साथ जो कुछ भी हो रहा है उससे हमें आंखें बंद नहीं करनी चाहिए।

वहीं स्वामी अतुल आनंद ने कहा, ‘‘अभी स्वामीजी ने बताया कि हर साल हम यह दिन हास्य दिवस के रूप में मनाते हैं। लेकिन आज कुछ फर्क दिखलाई पड़ रहा है। एक सच्चाई जो हिंदुस्तान में छुपी हुई थी, वह एकदम से उभर कर सबके सामने, वेहशत के रूप में सबके सामने आ गई। इतना शायद ही हमारे युवाओं ने कभी देखा हो। जैसा कि स्वामीजी ने कहा, हमें आंखें बंद नहीं करनी हैं, आंखें खोलनी हैं और गमगीन भी नहीं हो जाना है। इसलिए हम हास्य दिवस जरूर मना रहे हैं। और साथ में एक नये होश को भी अपने साथ रखें। हंसें, पर नए होश के लिए, अपने कार्यक्रम की शुरुआत हास्य-कवि राकेश सोनी ने इन व्यंग्यों से की। उन्होंने कहा:

‘‘आज पूरे देश में मातम छाया है, पर नया साल आया है।
खुशी यह ऐसी कोई लाए, कि गम थोड़ा कम हो जाए।

हर दुर्घटनाओं के बावजूद जिंदगी के कदम कभी नहीं रुकते हैं, चलते रहते हैं।

गए साल को हमने कांधों पर बहुत गम उठाए
गैंग रेप और एफ.डी.आई. ने मिल कर बहुत गजब ढाए
अब अगले साल में प्रभु कुछ ऐसा काम करना
हर आंख में खुशी हो हर होंठ मुस्कुराए’’

इन पंक्तियों के साथ उन्होंने कुछ व्यंग्य से भरे चुटकुले सुनाए। हास्य-ध्यान में आए सभी मित्रों ने नए वर्ष के प्रथम दिन का असीम आनंद लिया।

विडियो
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ओशो संन्यास-जगत

जबलपुर, मध्य प्रदेश



02 नवम्बर को जबलपुर के रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी में एक दीक्षान्त समारोह हुआ। फिलोसफी विभाग से स्वामी संबोध निताश ने ‘ओशो फिलोसफी रिसर्च वर्क’ को पूर्ण किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के गवर्नर द्वारा कार्य को पूरा होने के उपरांत पी. एच.डी. की डिग्री डॉ. रमेश चंद्र कुशवाहा (स्वामी संबोध निताश) को दी गई।

-ओशो गंगोत्री ध्यान केंद्र

नारगोल, गुजरात

सागर तट पर 19 से 25 नवम्बर सात-दिवसीय ध्यान-शिविर आयोजित किया गया जिसमें 200 साधकों का आगमन हुआ। नव-संन्यास उत्सव में 20 मित्रों ने संन्यास-जगत में प्रवेश किया। स्वामी समर्पण भारती ने शिविर का संचालन किया।

रोहतक, हरियाणा



डेरा भीष्मजी में 02 दिसम्बर को एक दिवसीय ध्यान शिविर लगा। 110 मित्रों ने हिस्सा लेकर ध्यान-विधियों का भरपूर आनंद लिया। शिविर संचालन स्वामी कृष्ण देव भारती ने किया।

भटिंडा, पंजाब



ओशो प्रेम ध्यान मंदिर में 03 दिसम्बर को एक दिवसीय ध्यान शिविर लगा। 35 साधकों की ध्यान में सहभागिता रही। स्वामी चेतन विस्तार ने शिविर का संचालन किया।

-स्वामी देव नमन

होशंगाबाद, मध्य प्रदेश

08 दिसम्बर को सोहागपुर के मुख्य बाजार में एक दिवसीय फिल्मोत्सव का आयोजन किया गया। यह फिल्म ओशो के जीवन-दर्शन पर आधारित थी। 09 से 11 दिसम्बर तीन दिवसीय ओशो-जन्मोत्सव मनाया गया। स्वामी प्रेम वर्तन के संचालन में 35 प्रेमियों ने उत्सव में हिस्सा लिया। 6 मित्रों ने नव-संन्यास ग्रहण किया।

आगरा, उत्तर प्रदेश



ओशो ध्यान साधना केंद्र एवं लाईब्रेरी में 09 दिसम्बर को एक दिवसीय शिविर आयोजित किया गया। पूरे दिन सभी प्रेमियों ने ध्यान-विधियों का आनंद लिया। स्वामी सागर ने शिविर का संचालन किया।

-प्रज्ञा माही

वाराणसी, उत्तर प्रदेश



ओशो मंदाकिनी ध्यान केंद्र में 09 से 11 दिसम्बर ओशो-जन्मोत्सव मनाया गया। शिविर में तीन दिन तक नृत्य-उत्सव, मौन तथा ध्यान का अनूठा संगम रहा। इस अवसर पर तीन मित्र नव-संन्यास में दीक्षित हुए। स्वामी ज्ञान साहिल ने ध्यानोत्सव का संचालन किया।

-मा अमृता

चांपा, छत्तीसगढ़



ओशो प्रेम ध्यान आश्रम में तीन दिवसीय शिविर के साथ-साथ ओशो जन्मोत्सव का महत्वपूर्ण आयोजन हुआ। 09 से 11 दिसम्बर तक चले कार्यक्रम में 70 प्रेमियों की सहभागिता रही जिसमें 5 मित्र संन्यस्त हुए। 29 से 31 दिसम्बर ओशो हैप्पी लाइफ ध्यान-शिविर एवं नव-वर्ष महोत्सव मनाया गया। शिविर में 100 लोगों ने भाग लिया। 10 मित्र नव-संन्यास में दीक्षित हुए। स्वामी आनंद एकांत ने महोत्सव का संचालन किया।

लतराहा, बिहार

ओशो चेतना जागरण संघ के द्वारा ओशो आशीष ध्यान केंद्र में 09 से 11 त्रि-दिवसीय ओशो जन्म-दिवस महोत्सव मनाया गया। स्वामी अंतर आलोक के संचालन में 50 साधकों ने ध्यान-प्रयोगों का स्वाद चखा। तीन नए मित्र नव-संन्यास में संन्यस्त हुए।

-स्वामी ध्यान अलमस्त

माउंट आबू, राजस्थान



09 से 11 दिसम्बर ओशो जन्म-दिवस महोत्सव का रंगारंग आयोजन हुआ। उत्सव में देश-विदेश से 30 प्रेमियों का आगमन हुआ। स्वामी अंतर जश्न ने ध्यान-शिविर का संचालन किया।

जबलपुर, मध्य प्रदेश

देवताल स्थित ओशो अमृतधाम में दिसम्बर 09 से 11 तीन दिवसीय ध्यान-शिविर एवं ओशो-जन्मोत्सव मनाया गया। 13 दिसम्बर से 01 जनवरी ओशो मौन समाधि शिविर आयोजित किया गया। भारत के विभिन्न प्रांतों से आये साधक मित्रों ने ध्यान, उत्सव और मौन का आनंद लिया।

-स्वामी शिखर

नांदुरा, महाराष्ट्र

दिनांक 09 से 12 दिसम्बर ध्यान-साधना शिविर एवं ओशो जन्मोत्सव मनाया गया। उत्सव में 65 साधकों ने ध्यान में हिस्सा लिया। 11 दिसम्बर की संध्या-सत्संग में 12 प्रेमियों ने नव-संन्यास-दीक्षा ली। स्वामी विट्ठल ने महोत्सव का संचालन किया

रानीगंज, पश्चिम बंगाल

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09 दिसम्बर को ओशो एनर्जी फील्ड में ओशो-जन्मोत्सव उत्सवपूर्ण मनाया गया। ध्यान में अनेकों साधकों ने हिस्सा लिया। संचालन स्वामी अक्षय विवेक ने किया।

चित्रकूट, मध्य प्रदेश

ओशो अन्तर्यात्रा आश्रम में 10 दिसम्बर को ओशो जन्मोत्सव मनाया गया। उत्सव में सूफी-संगीत के साथ-साथ ध्यान की कई दैनिक-विधियां भी करवाई गई। अनेकों मित्रों के साथ जन्मोत्सव का संचालन स्वामी अन्तर्योगी ने किया।

देहरादून, उत्तराखंड

ओशो ओम बोधिसत्व कम्यून में 10 से 12 दिसम्बर के बीच आयोजित ओशो जन्मोत्सव एवं ध्यान शिविर में देश-विदेश से 60 मित्र सम्मिलित हुए। 7 साधकों ने नव-संन्यास दीक्षा ली। विभिन्न ध्यान प्रयोगों के साथ-साथ नृत्य-गीत में साधक खूब झूमे।

-स्वामी ध्यान आकाश

इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश



ओशो जन्मोत्सव 11 दिसम्बर के दिन मास्टर ऋषिपुत्र ने उत्सव का उद्घाटन किया। स्वामी आनंद ध्रुव के साथ 40 लोगों ने हास्य-ध्यान तथा गीत-संगीत में भाग लिया।

कुशीनगर, उत्तर प्रदेश



ओशो जन्म-दिवस के उपलक्ष्य में 11 दिसम्बर को ओशो मैत्रेय ध्यान केंद्र में एक दिवसीय शिविर लगा। मा प्रेम स्पर्शिता के समायोजन में 60 साधकों का आगमन हुआ।

-स्वामी अंतर दिनेश

मालवीय नगर, नई दिल्ली

दिनांक 11 दिसम्बर को ओशो भगवानश्री ध्यान केंद्र में उनका जन्मोत्सव उल्लासपूर्वक मनाया गया। साथ-ही 23 दिसम्बर को एक दिवसीय शिविर लगा जिसका संचालन स्वामी आनंद गोपाल ने किया।

होशियारपुर, पंजाब



11 दिसम्बर को ओशो के जन्म दिवस पर एक दिवसीय ध्यान शिविर आयोजित किया गया। ध्यान में 20 मित्रों का आगमन हुआ। शिविर का संचालन स्वामी ओम गोविंद तथा मा प्रेम राबिया ने किया।

-मा सुजाता

मनाली, हिमाचल प्रदेश



ओशो आस्था ध्यान केंद्र में ओशो का जन्म दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। उत्सव में आए सभी मित्रों ने गुरु-भक्ति और ध्यान में खूब डुबकी लगाई।

-अंतर क्रांति

विदिशा, मध्य प्रदेश



11 दिसम्बर, ओशो जन्मोत्सव पर ओशो लाइफ अकादमी में नृत्य-संगीत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मा दिव्या ने नृत्य की प्रस्तुति दी। उत्सव में 80 संन्यासियों एवं मित्रों का आगमन हुआ।

-स्वामी ध्यान रजनीकर

अलीगढ़, उत्तर प्रदेश



ओशो ध्यान केंद्र, ओशो मेमोरियल पब्लिक स्कूल में 11 दिसम्बर को ओशो-जन्मोत्सव मनाया गया। अनेकों मित्रों के साथ स्वामी प्रेम निर्दोष ने उत्सव का संचालन किया।

तावडू, हरियाणा



सद्गुरु ओशो के जन्म दिवस पर 11 से 12 दिसम्बर दो दिवसीय ध्यान का कार्यक्रम हुआ। शिविर में अनेकों मित्रों की उपस्थिति रही। संचालन स्वामी अतीत दौलत ने किया।

-मा आत्म ज्योति

ऋषिकेश, उत्तराखंड

ओशो गंगाधाम में 14 से 16 दिसम्बर त्रि-दिवसीय शिविर लगा। अनेकों साधकों के साथ शिविर का संचालन स्वामी आनंद गोपाल ने किया।

इंदौर, मध्य प्रदेश

ओशो ध्यान विज्ञान मंदिर द्वारा दिनांक 16 दिसम्बर को ओशो-जन्मोत्सव परदेशीपुरा के ओशो ध्यान मंदिर में मनाया गया। स्वामी कैलाश भारती ने ध्यानोत्सव का संचालन किया।

धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश

ओशो निसर्ग में 17 से 23 दिसम्बर ओशो नो-माइंड ध्यान-ग्रुप का आयोजन हुआ, जिसमें देश-विदेश से 35 साधकों ने भाग लिया। 8 मित्र ओशो के नव-संन्यास में दीक्षित हुए। ध्यान-ग्रुप का संचालन स्वामी चैतन्य कीर्ति ने किया।

बालतोरा, राजस्थान

ओशो ध्यान अभियान, अजमेर के स्वामी चैतन्य योगी द्वारा 18 से 20 दिसम्बर तक मुख्य कन्या महाविद्यालय की क्षात्राओं को ध्यान-विधियों तथा ओशो देशनाओं से परिचित करवाया गया। साथ-ही ओशो साहित्य प्रदर्शनी भी लगाई गई।

जोधपुर, राजस्थान

शिवदत्त शिवांची गेट में 2 दिवसीय 22 से 23 दिसम्बर को ओशो ध्यान शिविर चला जिसमें 50 मित्रों ने भाग लिया। शिविर में ओशो साहित्य प्रदर्शनी लगाई गई। संचालन स्वामी चैतन्य योगी ने किया।

भीमताल, नैनीताल

ओशो ओम प्रकाश पीठ द्वारा दिसम्बर माह में 22 से 25 तथा 30 से 31 ध्यान शिविर एवं उत्सव-महोत्सव के कार्यक्रम हुए। संचालन स्वामी शून्यम प्रकाश ने किया।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश



25 दिसम्बर को क्रिसमस दिवस के अवसर पर ध्यान-शिविर पूर्ण हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आयोजन स्वामी मज़हर खान ने किया।

कर्जत, महाराष्ट्र

इंडिया फस्ट फाउंडेशन में 26 से 30 दिसम्बर ओशो ध्यान उत्सव मनाया गया जिसमें 30 प्रेमियों की सहभागिता रही। 4 मित्रों ने नव-संन्यास लिया। ध्यान-शिविर का संचालन स्वामी सत्य वेदांत ने किया।

-स्वामी विट्ठल

अलीगढ़, उत्तर प्रदेश

27 दिसम्बर की संध्या हज़रत अमीर खुसरो का जन्मोत्सव मनाया गया। उत्सव में आए सभी साधकों ने उनके जीवन से जुड़े तथ्यों पर प्रकाश डाला। साथ-ही सूफी गीतों का आनंद भी लिया।

-स्वामी आनंद अमितेश

भुज, गुजरात

ओशो संकल्प ध्यान केंद्र में 27 से 30 दिसम्बर ध्यान की एक कार्यशाला आयोजित की गई। शिविर में अनेकों साधकों ने ध्यान-विधियों का पूर्ण आनंद लिया। संचालन स्वामी आत्मो क्रांति ने किया।

गोवा



ओशो प्रेयर होम में 28 दिसम्बर से 01 जनवरी तक पांच-दिवसीय ध्यान शिविर चला। 30 साधकों ने नृत्य-गीत के साथ ध्यान का पूरा आनंद लिया। स्वामी गोपाल भारती तथा मा ध्यान नीरजा ने शिविर का संचालन किया।

-स्वामी आनंद अनुराग

सूरतगढ़, राजस्थान

ओशो ध्यान ग्राम में 29 से 31 दिसम्बर तीन दिवसीय ध्यान-शिविर लगा। तीन साधक शिविर में संन्यस्त हुए। 30 मित्रों के साथ स्वामी सागर ने शिविर का संचालन किया।

-स्वामी देव पारस

पटना, बिहार

नव-वर्ष 2013 के आगमन पर नव-निर्मित ‘ओशो प्रेम कुंज ध्यान केंद्र’ का उद्घाटन हुआ और एक दिवसीय शिविर लगा। अनेकों मित्रों के साथ स्वामी आनंद शांतम ने शिविर का संचालन किया।

-स्वामी प्रेम कमलेश

टिकुलिया, बिहार

31 दिसम्बर से 01 जनवरी ओशो हास्य-ध्यान का आयोजन किया गया। स्वामी अंतर आलोक के संचालन में 40 प्रेमियों ने हास्य-ध्यान का स्वाद चखा।

-स्वामी ध्यान रिक्तम्

सोलन, हिमाचल प्रदेश

नव-वर्ष की पूर्व संध्या पर एक त्रि-दिवसीय ओशो ध्यान उत्सव आयोजित किया गया। स्वामी अंतर जगदीश के साथ 50 साधकों ने ध्यान का आनंद लिया।

-ओशो सान्जेन

भागलपुर, बिहार

ओशो प्रेम विभोर ध्यान केंद्र में ओशो ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। 54 साधक-मित्रों के साथ ध्यान-शिविर का संचालन स्वामी आनंद योगी ने किया।

तपोवन, नेपाल



ओशो तपोवन में 11 दिसम्बर को ओशो का जन्म दिवस बहुत ही हर्षोल्लास एवं उत्सवपूर्ण माहौल में मनाया गया। मस्ती में नाचते-झूमते संन्यासियों का मेला सुबह से ही आश्रम में लगने लगा था। दिन-भर के कार्यक्रम के बाद संध्या संन्यास उत्सव में सात मित्रों ने नव-संन्यास में प्रवेश किया। इसी माह काठमाण्डू के एक शिक्षा सदन के छात्रों ने ध्यान की एक दिवसीय कार्यशाला में भाग लिया। उपरोक्त कार्यक्रमों का संचालन स्वामी आनंद अरुण ने किया।

दामन, नेपाल

गौरीशंकर गेस्ट हाउस में 22 से 25 दिसम्बर ओशो ध्यान साधना शिविर लगा। 40 मित्रों ने ध्यान के कई प्रयोग किए तथा सात साधक संन्यास में दीक्षित हुए। संचालन मा प्रेम ईशा व स्वामी आनंद शांतम ने किया।