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फरवरी 2013 - मा दिव्यम नदीशा

"अस्तित्व एक उत्सव है। जैसे-जैसे तुम्हारा बोध बढ़ेगा वैसे-वैसे तुम्हें उत्सव दिखाई पड़ेगा। अस्तित्व दरिद्र नहीं है, बड़ा समृद्ध है। उसकी समृद्धि का कोई अंत नहीं है। फूल चूकते नहीं हैं, कितने-कितने अरबों वर्ष से रोशनी बांटते हैं। जीवन का न कोई आदि है, न कोई अंत। उसी से तुम जुड़े हो। इतने विराट से जुड़े हो। लेकिन तुम्हारी नज़र क्षुद्र पर लगी है।"

-ओशो
ताओ उपनिषद

मेष: मार्च 21 - अप्रैल 20

स्वतंत्रता हर व्यक्ति का बहुमूल्य अधिकार है। अपने विचार खुलकर प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता, अपने निर्णय स्वयं लेने की स्वतंत्रता। आपके लिए भी आपकी यही छूट, यही स्वतंत्रता बहुत मूल्यवान है और आपको देखना है कि आप इसके साथ कोई समझौता न करें। हर व्यक्ति दूसरे से अलग है और उसकी सोच भी दूसरे से भिन्न है। इसीलिए देखें कि आप अपने विचार जबरदस्ती किसी की पसंद-नापसंद जाने बिना, उस पर थोपे नहीं। यह बात इस समय न भूलें कि जो व्यवहार आप अपने साथ होता नहीं देख सकते, वही आपको दूसरों के साथ भी नहीं करना चाहिए।

वृषभ: अप्रैल 21-मई 21

कार्यक्षेत्र की दृष्टि से आप इस समय स्वयं को व्यस्त पायेंगे। अनेक कार्य आपका समय मांग रहे हैं और प्रतीक्षारत्त हैं। आप स्वभाव से भी अत्यंत परिश्रमी हैं। परंतु आप देखें कि आपका आलस्य आपके मन पर हावी न हो। अपने कार्यों को सही समय पर पूरा करने का दृढ़ संकल्प लें और जब तक वे पूरे न हों, उनसे प्रतिभा का सही निखार तभी आयेगा जब आप आलस्य छोड़, पूरी मेहनत के साथ अपना हर काम करेंगे।

मिथुन: मई 22-जून 21

व्यक्ति का अहंकार ऐसी चीज़ है जो उसे सबसे ज्यादा हानि पहुंचाता है। इस अहंकार के प्रति आपको सजग होना है। दिन-प्रतिदिन की छोटी-छोटी बातों को अपने हृदय पर लगाना आपके लिए ठीक नहीं। इससे आपके हृदय को तो चोट पहुंचती ही है, साथ ही आपसे जुड़े लोगों को भी तकलीफ पहुंचती है। जब अहंकार को चोट लगती है, तब क्रोध उत्पन्न होता है। इसलिए जब भी क्रोधित हों, एक क्षण के लिए उसके प्रति जागरूक हो जायें और उसकी जड़ को समझने का प्रयास करें।

कर्क: जून 22-जुलाई 22

अपनों का प्रेम मिलना, अपने से बड़ों का आशीर्वाद मिलना अत्यंत ही सौभाग्य की बात है। अतः आपके लिए यह संदेश है कि अपने माहौल को प्रेम और सौहार्द से भरने का एक भी मौका न चूकें। कोई भी नकारात्मक विचार मन में आये तो उसे तुरंत, उसी समय झटक दें और स्वयं को पुनः अच्छी सोच के मार्ग पर ले आयें। इस समय आप नृत्य और संगीत के प्रति विशेष रुचि अनुभव कर सकते हैं। इन क्षेत्रों में अपनी कला को उजागर होने का अवसर प्रदान करें। अपने आप को प्रसन्नचित्त रखें और इस बात पर भरोसा रखें कि जो होगा शुभ ही होगा।

सिंह: जुलाई 23-अगस्त 23

आपका हृदय अत्यंत ही संवेदनशील है और अपने आस-पास के वातावरण के प्रति हमेशा सजग रहते हैं। यही कारण है कि आप परिस्थितियों की मांग को सही से भांप कर, उस अनुसार अपने को ढ़ाल लेते हैं। आपसे जुड़े लोग महसूस करते हैं कि आप उनकी मनोदशा को समझते हैं और उनकी भावनाओं की इज्जत करते हैं। तभी वह आपके साथ खुलकर अपने हृदय की बात करना पसंद करते हैं। किसी भी तरह के बुरे अनुभव की कटुता को, अपने हृदय की निर्मलता पर वार न करने दें। संगीत अथवा कला के किसी भी क्षेत्र से अपने को जोड़े रखें। यह अत्यंत ही सुंदर समय है आपके लिए।

कन्या: अगस्त 24-सितम्बर 23

हर समय, हर कार्य आपके सोचे और चाहे अनुसार हो, यह जरूरी नहीं है। आपकी अपेक्षाएं, हर स्थिति को आपके अनुसार देखना चाहती हैं कि ऐसा ही होना चाहिए। और जब कभी ऐसा नहीं घटता तो आप निराश और हताश महसूस करते हैं। आपके लिए यही संदेश है कि अपने जीवन को इस प्रकार की बांध से थोड़ा आज़ाद करें। प्रकृति ने जो आपके लिए सोचा है उसमें कहीं-न-कहीं आपका हित है, यह भरोसा होना बहुत आवश्यक है। इससे आप प्रतिपल जो अपना जीवन चिंतन-मनन में व्यतीत करते रहे हैं उसके बजाय एक अनूठी शांति महसूस करेंगे। अनापान-सती योग ध्यान का प्रयोग कर आप इस समर्पण भाव को और गहन बना सकेंगे।

तुला: सितम्बर 24-अक्टूबर 23

यह कहावत बहुत जानी-मानी है कि ‘बूंद-बूंद से भरता सागर।’ बस इसी प्रकार आपको प्रतिदिन अपने आत्मविकास में कुछ सार्थक जोड़ते चले जाना है। हर दिन समाप्त होने पर अपने आप से पूछें कि आज मैं कितना अपने स्वयं के विकास में योगदान दे सका। आपके दृष्टिकोण में, चीज़ों को देखने के नजरिये में खुलापन तभी आ सकेगा जब भीतर से आपके व्यक्तित्व में, आपकी सोच में परिवर्तन आये। और इस बदलाव को लाने के लिए आपको प्रयास भी करना होगा। इस कोशिश में अपनी ऊर्जाओं को सही मार्ग-दर्शन प्रदान करें। उन्हें भीतर की ओर केंद्रित करने का प्रयास करें।

वृश्चिक: अक्टूबर 24-नवंबर 22

आप स्वभाव से बहुत चंचल और बर्हिमुखी हैं। यही कारण है कि आप बेहिचक खुले मन से अपने विचारों को अभिव्यक्त करना पसंद करते हैं। परंतु अपने को अभिव्यक्त करने में ज्यादा बोलना, आपके स्वभाव की वाचालता दर्शाता है। आप देखें कि आप उतना ही बोलें, जितना आवश्यक हो। व्यर्थ अपनी ऊर्जा केवल बातों में नष्ट करना आपके लिए अच्छा नहीं है। इसी ऊर्जा को आप दूसरे सृजनात्मक कार्यों में व्यय करके कुछ सार्थक निर्मित कर सकते हैं। अपने शब्दों को ही किसी कविता में पिरोयें, किसी लेख की रचना करें। ध्यान में उतरें और जीवन द्वारा मिली शक्तियों का सार्थक प्रयोग करने का प्रयास करें।

धनु: नवंबर 23-दिसंबर 23

आप अपने जीवन में अनेक प्रकार के संबंधों में बंधे हुए हैं, जिनके अनुसार आप एक साथ अनेक किरदारों की भूमिका निभा रहे हैं। आपके लिए इस समय यही संदेश है कि दूसरों के मन का ध्यान रखते-रखते आप अपने साथ किसी प्रकार का अन्याय न करें। ऐसा कोई काम न करें जिसके लिए आपका हृदय आपको अनुमति न दे। हर व्यक्ति स्वयं के प्रति जवाबदेह है और अपने द्वारा लिये गये निर्णयों के परिणामों के लिए भी। इसलिए स्वयं के प्रति अपने उत्तरदायित्व को समझते हुए ही किसी भी प्रकार का निर्णय लें।

मकर: दिसंबर 24-जनवरी 20

आपके जीवन में इस पल, अभी जो घट रहा है उसे पूरी तरह महसूस कर पाने में आप इस समय असक्षम हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपका मन भविष्य की योजनाओं और अतीत की घटनाओं में ही पूरी तरह व्यस्त है। आप जो बीत गया है और जो अभी तक आया नहीं है उसमें इतना उलझ गये हैं कि आप अपने वर्तमान को प्रतिपल चूक रहे हैं। अतः अपने को जानने में, अपने भीतर से परिचित होने की कोशिश करें। और इस ओर सबसे पहले अभी और यहीं में रहने का प्रयास करें।

कुंभ: जनवरी 21-फरवरी 19

आप स्वभाव से अत्यंत ही भावुक हैं। आप पर आपके वातावरण का तथा रोज़मर्रा के जीवन में चल रही छोटी-बड़ी सभी बातों का बहुत जल्दी गहरा प्रभाव पड़ जाता है। आपके भावुक होने के कारण आप दूसरों की बातों से भी बहुत जल्दी प्रभावित हो जाते हैं। आपको चाहिए कि आप भावना में बह कर कोई भी निर्णय न लें। भावुक हो कर लिए गए निर्णय जरूरी नहीं कि सही हों। आपसे परिचित लोग आपके स्वभाव के इस पहलू का दुरुपयोग भी कर सकते हैं। आप यह भी देखें कि आप किसी भी विषय पर जरूरत से ज्यादा सोच कर अधिक चिंता न लें। आपको चाहिए कि आप दूसरों के कहे में आकर किसी भी विषय पर अपनी राय कायम न करें। आपके लिए यही संदेश है कि अपने स्वभाव में भावनाओं का संतुलन लाएं।

मीन: फरवरी 20-मार्च 20

एक संतुलित और शांत मन की जरूरत पड़ने पर सही निर्णय लेने में समर्थ होता है। आपके लिए इस समय अपने मन की शांति और सुकून बनाए रखना परम आवश्यक है। आपको चाहिए कि आप किसी भी तरह के वाद-विवाद या बहस से इस समय दूर रहें। किसी भी तरह के कठिन समय में धैर्य बनाये रखें। क्रोध में या आवेश में आकर कोई भी नतीजे पर पहुंचने में जल्दबाजी न करें। अपने कार्यक्षेत्र में खासकर कोई निर्णय तभी लें जब आपको उस विषय में पूरी तसल्ली हो जाये। आपका हित चाहने वालों से सलाह-मश्वरा करके, पूरी जानकारी प्राप्त करके, अच्छे से चिंतन-मनन करके ही महत्वपूर्ण निर्णय लें। पारिवारिक संबंधों में स्नेह और प्रेम बना रहेगा। आपके निर्णयों में आपको अपनों का साथ मिलेगा।