Osho World Online Hindi Magazine :: July 2012
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गतिविधियां
ओशो वर्ल्ड गैलेरिया: कबीर-उत्सव

कबीर दिवस के उपलक्ष्य में 28 मई संध्या 6.00 बजे ओशो वर्ल्ड गैलेरिया में कबीर भजन संध्या का उत्सव मनाया गया।

मा धर्म ज्योति ने ओशो के समक्ष दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम की शुरूआत की। मुख्य अतिथि रही सुप्रसिद्ध गायिका विद्या शाह।

भजन संध्या में गायिका विद्या शाह ने निर्गुण और भक्तिमार्गी शाखा के पदों को अपने सुरीले अंदाज में गाया। गायन का प्रारंभ उन्होंने कबीर का पद ‘इहि घटि बाग बगीचे, इहि घटि सृजनहारा’ को गाकर किया। कार्यक्रम के दौरान कबीर के साखी, सबद और रमैनी के पदों को अपनी गायिकी से प्रस्तुतिकरण दिया।

ओशो वर्ल्ड फाउन्डेशन को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा--कबीर आज भी हमारे बीच में मौजूद है वे न हिन्दू थे न मुसलमान, लेकिन जिस निर्गुण मार्गी भक्ति शाखा के मार्ग पर मनुष्य को चलने को कहा वह मार्ग परमात्मा का है।
कबीर के भजनों को ओशो प्रेमियों ने उत्साह और लगन से सुना। कार्यक्रम के अंत में स्वामी रविन्द्र भारती ने कहा--कबीर निगुर्ण निरंकार का मार्ग खोलने वाले एकलौते संत है जिन्होंने हर एक बुरी प्रथा का खण्डन किया। कबीर भजन श्रवण के लिए अनेक ओशो भक्तों और प्रेमियों की उपस्थित रही।

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ओशोधाम: बुद्ध पूर्णिमा उत्सव

ओशोधाम में 04 से 06 मई तक बुद्ध पूर्णिमा उत्सव मनाया गया जिसका संचालन स्वामी चैतन्य कीर्ति ने किया। उत्सव में अनेकों प्रेमियों का आगमन हुआ। 07 से 10 मई ध्यानोत्सव पर एक कार्यक्रम हुआ मेडिटेट-सेलिब्रेट। मा प्रेम देवयानी तथा स्वामी अमित सरस्वती ने ध्यान-शिविर का संचालन किया।

सात दिवसीय, बॉर्न अगेन ग्रुप चला 11 से 17 मई तक। ध्यान-ग्रुप का संचालन स्वामी रविन्द्र भारती ने किया। 18 से 20 मई ओशो नृत्य उत्सव तथा 21 से 24 मेडिटेट-सेलिब्रेट हुआ। दोनों शिविरों का संचालन मा प्रेम देवयानी व स्वामी अमित सरस्वती ने किया।

बच्चों तथा उनके अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण ध्यान शिविर हुआ 25 से 27 मई तक। बच्चों के साथ मा प्रेम देवयानी व उनकी टीम रही। स्वामी अविनाश भारती ने अभिभावकों के साथ शिविर का संचालन किया। और माह के अंतिम दिनों में, 28 से 31 मई मेडिटेट-सेलिब्रेट हुआ स्वामी ध्यान निशांत के संचालन में।

इस प्रकार ओशोधाम में पूरे माह ध्यान-शिविरों का सिलसिला अनवरत जारी रहा।

सन्यास जगत

राजकोट, गुजरात

 

बुद्ध पूर्णिमा के उपलक्ष्य में 1 मई को नव-निर्मित ‘‘ओशो मधुबन’’ ध्यान केंद्र का शुभारंभ हुआ। साथ-ही केंद्र में एक दिवसीय ध्यानोत्सव आयोजित किया गया जिसमें 250 साधकों ने हिस्सा लिया।

-स्वामी सत्य प्रकाश

होशियारपुर, पंजाब

2 से 6 मई बुद्ध पूर्णिमा दिवस महोत्सव मनाया गया ओशो साइलैंस वैली ध्यान केंद्र में। 35 प्रेमियों ने उत्सव में भाग लिया तथा 7 मित्रों ने नव-संन्यास धारण किया। पांच-दिवसीय शिविर का संचालन स्वामी ओम गोविंद तथा मा प्रेम राबिया ने किया।

-स्वामी भावानंद

माथेरान, महाराष्ट्र

4 से 8 मई पांच दिवसीय ओशो ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। ध्यान में अनेकों शिविरार्थियों का आगमन हुआ। अंतिम दिन 3 मित्रों ने संन्यास दीक्षा में प्रवेश किया। शिविर का संचालन स्वामी विट्ठल ने किया।

शाहगंज, आगरा



ओशो ध्यान साधना केंद्र एवं लाइब्रेरी में बुद्ध पूर्णिमा उत्सव आनंदपूर्वक मनाया गया। अनेकों नए-पुराने साधकों ने शिविर में भाग लिया। संचालन स्वामी ज्ञान दीपेश ने किया।

मधेपुरा, बिहार

ओशो मेघदूत ध्यान केंद्र में 5 व 6 मई को बुद्ध पूर्णिमा दिवस एवं 4 जून को कबीर दिवस बड़े ही धूम-धाम से मनाया गया। उत्सव का संचालन मा प्रेम प्रशंसा एवं स्वामी प्रेम अनुतोष ने किया।

-स्वामी सूर्य कमल

पुणे, महाराष्ट्र

 

5 से 7 मई को तीन दिवसीय ध्यान शिविर एवं बुद्ध पूर्णिमा दिवस मनाया गया। ध्यान में अनगिनत साधकों की उपस्थिति रही। स्वामी ओम प्रकाश भारती ने ध्यानोत्सव का संचालन किया।

सूरत, गुजरात



बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर 6 मई को एक दिवसीय ध्यान का कार्यक्रम हुआ। शिविर में 100 मित्रों का आगमन हुआ।

-स्वामी अंतर राही

बोधगया, बिहार



ओशो सूचना ध्यान केंद्र के तत्वावधान में बुद्ध पूर्णिमा दिवस पूरे धूम-धाम से मनाया गया। उत्सव में अनगिनत साधकों ने भाग लिया।

-स्वामी देव ईष्ट

भुज, कच्छ



ओशो मिस्ट्री ओमनीवर्सिटी द्वारा 5 व 6 मई को बुद्ध पूर्णिमा उत्सव बड़े ही हर्शोल्लास के साथ मनाया गया। दो दिवसीय शिविर में अनेकों ध्यान-विधियां हुई जिसका संचालन स्वामी अंतर संतोष ने किया।

-स्वामी धर्म अद्वय

लखनऊ, उत्तर प्रदेश

6 मई को एक दिवसीय ध्यान के साथ बुद्ध पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। स्वामी निसंग तीर्थ तथा स्वामी मज़हर खान ने शिविर का संचालन किया।

इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश



रविवार 6 मई को मौन ध्यान के साथ बुद्ध जयंति मनाई गई जिसमें ओशो की देशना सुनने के बाद कबीर के भजन प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर 50 मित्रों ने अपनी अंतर्चेतना में डुबकी लगाई।

-स्वामी आनंद ध्रुव

भटिंडा, पंजाब



ओशो प्रेम ध्यान मंदिर में 6 मई को ओशो ध्यान शिविर लगा। ध्यान में 55 मित्रों का आगमन हुआ। संचालन स्वामी चेतन विस्तार ने किया।
3 जून को कबीर दिवस मनाया गया जिसमें 75 प्रेमियों ने भाग लिया। संचालन मा धर्म क्रांति ने किया।

-स्वामी देव नमन

बस्तर, छत्तीसगढ़

6 से 8 मई बुद्ध पूर्णिमा दिवस महोत्सव मनाया गया जगदलपुर में। तीन-दिवसीय उत्सव में 100 साधकों ने विभिन्न ध्यान प्रयोगों को किया एवं गीत-संगीत व उत्सव में डूबे। शिविर का संचालन स्वामी आनंद घन ने किया जिसमें 10 मित्रों ने नव-संन्यास दीक्षा ली।

-स्वामी वेदांत तीर्थ

देवताल, जबलपुर

ओशो अमृतधाम में दिनांक 11 से 31 मई मिस्टिक रोज़ आयोजन हुआ। ध्यान ग्रुप में भारत के विभिन्न प्रांतों से अनेक साधकों ने भाग लिया। मिस्टिक रोज़ ध्यान विधियों के माध्यम से सभी ने स्वयं को निर्मल और निर्भार कर एक नये रूपांतरण का अनुभव किया।

-स्वामी शिखर

सुनाम, पंजाब



ओशो मित्र समूह की ओर से 13 मई को एक-दिवसीय ध्यान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 30 प्रेमियों ने हिस्सा लिया तथा 5 नये मित्रों ने नव-संन्यास ग्रहण किया।

-स्वामी सत्यम

मालवीय नगर, नई दिल्ली

ओशो भगवानश्री मेडिटेशन सेंटर में 14 मई को एक दिवसीय शिविर का आयोजन हुआ। स्वामी आनंद अरुण के सान्निध्य में साधक-मित्र प्रेम और ध्यान में डूबे। साथ-ही 7 जून को संध्या-सत्संग में सभी मित्रों की उपस्थिति अत्यंत प्रगाढ़ रही।
दिनांक 10 जून को एक दिवसीय ध्यान-शिविर लगा जिसमें विभिन्न ओशो ध्यान विधियों के प्रयोग हुए। शिविर का संचालन स्वामी अविनाश भारती ने किया।

तीथल, गुजरात

 

15 से 17 मई ओशो सूफी ध्यान शिविर लगा जिसका संचालन मा परी ने किया। तीन दिवसीय शिविर में सूफी ध्यान पर अनेकों कार्यक्रम हुए। सभी मित्रों ने मौनपूर्वक शिविर का पूरा आनंद लिया।

-स्वामी आनंद विवेक

ओशो शांतिकुंज ध्यान मंदिर में 20 से 23 मई ध्यान साधना शिविर का सफल आयोजन हुआ। स्वामी विट्ठल के संचालन में अनेकों छोटी-छोटी विधियां हुईं। अंतिम दिन 4 मित्रों ने नव-संन्यास जीवन में प्रवेश किया।

-किरण भाई देसाई

ग्वालियर, मध्य प्रदेश



ओशो जागरण ध्यान केंद्र में 18 से 20 मई तीन दिवसीय ध्यान शिविर चला। साथ-ही मा प्रेम संगीता द्वारा मीरा नृत्य नाटिका का मंचन किया गया। तीनों दिन शिविर में मस्ती और उत्सव का माहौल बना रहा। शिविर का संचालन स्वामी प्रेम संतोष ने किया।

सोलन, हिमाचल प्रदेश



25 से 27 मई तक कंडाघाट में तंत्र ध्यान शिविर का आयोजन ओशो सांजेन टीम ने किया। शिविर में ‘विज्ञान भैरव तंत्र’ पर कई महत्वपूर्ण ध्यान-प्रयोग हुए। कार्यक्रम के दौरान ओशो साहित्य प्रदर्शनी भी लगाई गयी। तीन-दिवसीय शिविर का संचालन मा ध्यान आभा व स्वामी अंतर जगदीश ने किया।

-ओशो सांजेन

सहारनपुर, उत्तर प्रदेश

 

3 जून को मोहिद्दनिपुर गांव में ‘ओशो सनातन ध्यान केंद्र’ का शुभारंभ हुआ। नव-निर्मित ध्यान केंद्र में एक दिवसीय ध्यान शिविर लगा जिसमें 70 प्रेमियों की उपस्थिति रही।

जयपुर, राजस्थान



पत्रकार कालोनी, मानसरोवर में ध्यान पर एक अनूठा प्रयोग हुआ। शिविर में आए सभी साधकों को पूरे दिन छोटी-छोटी ध्यान विधियों से अवगत करवाया गया। संध्या कीर्तन ध्यान के साथ शिविर का समापन हुआ। दैनिक ध्यान का संचालन स्वामी ओम शांति ने किया।
3 जून को कबीर जयंती, योग पावर हाउस, सिद्धार्थ नगर में मनाया गया। कार्यक्रम में ध्यान विधियों के साथ-साथ ओशो के वीडियो-प्रवचन भी हुए जिसे सभी मित्रों ने ध्यानपूर्वक सुना।

चांपा, छत्तीसगढ़

मा शशि राधा, स्वामी प्रेम अंतर्ज्ञान व स्वामी आनंद एकांत के संचालन में बच्चों व अभिभावकों के लिए ध्यान शिविर संपन्न हुआ। स्वामी कृष्णा राव ने बच्चों के लिए मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। शिविर में 60 मित्रों ने भाग लिया तथा 5 नये मित्र संन्यस्त हुए।

तपोवन, काठमाण्डू

 

ओशो तपोवन में 28 अप्रैल से 5 मई एक सात-दिवसीय ध्यान शिविर का आयोजन हुआ। भारत के साथ-साथ अनेक देशों के 200 मित्रों की सहभागिता रही।
6 मई को बुद्ध पूर्णिमा दिवस बहुत ही धूम-धाम से मनाया गया। संध्या वेला उत्सवपूर्ण समापन के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। 30 साधकों ने नव-संन्यास दीक्षा ग्रहण की। ध्यान-शिविर का संचालन स्वामी आनंद अरुण ने किया।

इंग्लैंड

 

इंग्लैंड के अनेक शहरों में ओशो दर्शन से संबंधित गतिविधियां तथा ओशो ध्यान शिविर लगे जिसका संचालन स्वामी आनंद अरुण ने किया।
नेपाल के राजदूतावास में, गणमान्य व्यक्तियों के बीच ओशो- दर्शन पर व्याख्यान का एक कार्यक्रम हुआ। बोस्टन मेनर के संबोधि ध्यान केंद्र में एक दिन की कार्यशाला आयोजित की गई।
एबरडीन मेडिकल युनिवर्सिटी में ध्यान और तनाव मुक्त जीवन पर एक व्याख्यान हुआ।
26 से 29 मई, 65 मित्रों के साथ क्रूज पर एक ध्यान साधना शिविर लगा। शिविर में 14 मित्रों ने संन्यास ग्रहण किया।