Osho World Online Hindi Magazine :: July 2012
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टैरो-मार्ग दर्शन
जुलाई 2012 - मा दिव्यम नदीशा
 

‘‘मैं यह कहता हूं कि इसकी फिक्र ही मत करना कि पाप को हम कैसे पुण्य बनाएं, असंयम को संयम कैसे बनाएं, हिंसा को अहिंसा कैसे बनाएं, कठोरता को दया कैसे बनाएं। इस चक्कर में ही मत पड़ना। सवाल यह है ही नहीं कि हम क्रिया को कैसे बदलें, सवाल यह है कि कर्ता कैसे रूपांतरित हो। अगर कर्ता बदल जाता है तो क्रिया अनिवार्यरूपेण बदल जाती है, क्योंकि तब कुछ चीज़ें करने में असमर्थ हो जाता है और कुछ चीज़ें करने में समर्थ हो जाता है। भीतर से कर्ता बदला, चेतना बदली।’’

-ओशो
महावीर: मेरी दृष्टि में

मेष: मार्च 21 - अप्रैल 20

अत्यंत ही अनुकूल समय आया है आपके लिये जहां भविष्य से जुड़ी घटनाओं के पर्दे धीरे-धीरे, एक-एक करके आपके समक्ष खुलते चले जायेंगे। आपको बड़ी ही सरलता से आगे-से-आगे अपने मार्ग खुले मिलते चले जायेंगे। ऐसे शुभ समय में आपका यह कर्तव्य बनता है कि आप परमात्मा की इस अनुकंपा के लिये उसका सहृदय धन्यवाद दें। इस समय कर्ताभाव से मुक्त होकर, एक दृष्टा की भांति अपना दिन गुज़ारना आपके लिये सर्वोचित रहेगा। अतः इस समय अपने भीतर के दृष्टा का उद्भव होने दें और प्रकृति के प्रति प्रार्थनापूर्ण हो जायें।

वृषभ: अप्रैल 21 - मई 21

आप इस समय अपने बाह्य जगत के कार्यों में इतना व्यस्त हो गये हैं कि आप यह भूल ही गये हैं कि आपके भीतर भी एक जगत है। एक स्थान आपके अंदर ऐसा विद्यमान है जो सतत् रूप से आपको अपनी ओर बुलाने की, अपनी यात्रा पर ले जाने की चेष्ठा कर रहा है, लेकिन आप हैं कि जो उसकी तरफ ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। आप चाहे कुछ भी करें, लेकिन इस समय आपको यह नहीं भूलना चाहिये कि आध्यात्मिक स्तर पर विकास भी उतना ही आवश्यक है जितना जीवन में किसी और आयाम का विकास ज़रूरी है। बल्कि भीतरी विकास की ही प्राथमिकता होनी चाहिये क्योंकि वही सही मायनों में जीवन का विकास है। इसलिए अपने भीतरी रस के स्रोत की तलाश में आपको इस समय जुट जाना चाहिये।

मिथुन: मई 22 - जून 21

अत्यंत ही सुंदर और अनूठा समय है आपके लिये। इस समय आपका नये लोगों से मिलना-मिलाना होगा और उसी कारण उनसे विचारों का आदान-प्रदान होगा। अपने बहुआयामी व्यक्तित्व से आप लोगों को प्रभावित करने में सफल हो सकेंगे। आपके विचारों को गौर से सुना और समझा जायेगा। साथ-ही आपको भी इस समय ग्रहणशील बनने की आवश्यकता है। आप दूसरों की बातों को जितना ध्यान से सुनेंगे उतना ही उन्हें बेहतर रूप से समझ पायेंगे और इससे परस्पर ताल-मेल बिठाने में भी सहूलियत महसूस करेंगे। अनेक नये अवसर आपके लिये प्रतिक्षारत हैं। सभी अवसरों को देख-परख कर, समझदारी से उनमें चुनाव करेंगे तो भविष्य के लिये हितकर रहेगा। ओशो के प्रवचनों को प्रतिदिन सुनें, इससे आप अधिक ग्रहणशील बन पायेंगे और आपके दृष्टिकोण को नई दिशा मिलेगी।

कर्क: जून 22 - जुलाई 22

प्रकृति हर व्यक्ति के साथ समानता का व्यवहार करते हुए सबको प्रतिदिन 24 घंटे देती है और साथ ही कार्यों को पूरा करने के लिये ऊर्जा भी देती है। अब यह व्यक्ति-विशेष पर निर्भर करता है कि वह, उसे मिले समय और ऊर्जा का किस प्रकार प्रयोग करता है। आपको भी इस समय इसी विषय पर चिंतन करने की आवश्यकता है। अपनी ऊर्जा किस तरह उपयोग करना है, इससे ज़्यादा उसका किस तरह संचय किया जाये - यह आपका अभी का लक्ष्य होना चाहिये। क्योंकि ऐसा संभव है कि व्यर्थ की बातचीत अथवा कार्यों में आप अपनी बहुमूल्य ऊर्जा को नष्ट कर सकते हैं। इसीलिये बेहतर यही होगा कि आप जागरूक होकर अपनी ऊर्जा को गलत ढंग से व्यय न होने दें। अधिक से अधिक मौन रहें और वाद-विवाद में पड़ने से परहेज़ करें। प्रातः सुबह, खुली हवा में व्यायाम करना, पूरे दिन के लिये आपकी ऊर्जा को सही दिशा में मोड़ दे सकेगा।

सिंह: जुलाई 23 - अगस्त 23

जिन नियमों में आपने अपने जीवन को इस समय बांध रखा है, समय है उनमें थोड़ा ढील देने की, उनसे थोड़ा बाहर आने की। नियमों के कारण आपके रोज़मर्रा का जीवन घिसापिटा सा बन गया है। आप देखेंगे कि आप रोज़ एक यंत्र के समान वही क्रियाओं को दोहराते चले जा रहे हैं। अतः इस समय आपको अपने जीवन में थोड़ा रोमांच भरने की ज़रूरत पड़ेगी। कुछ अलग हट कर करने की ज़रूरत है - इस समय जो भी आपको रूचिकर हो, उसी क्षेत्र में। साथ ही अपने आप को और प्रेमपूर्ण बनाना होगा। आपको चाहिये कि आप उस ओर अपने कदम बढायें जहां कुछ पाने योग्य है और प्रेम और रोमांच के सहारे ही आपको जीवन में सच्ची प्राप्तियां मिल पायेंगी।

कन्या: अगस्त 24 - सितम्बर 23

आप इस समय अपने कार्यक्षेत्र में अपने लिये नये लक्ष्य निर्धारित करने की सोचेंगे। अपने लिये आप ऐसी मंज़िल तय करना चाहेंगे जहां पहुंचकर आप स्वयं से और सब आपसे प्रसन्न हो जायें। परंतु ऐसा कोई भी लक्ष्य सोचने से पूर्व आपके लिये सर्वप्रथम ज़रूरी है कि आप अपनी क्षमताओं से पूर्ण रूप से वाकिफ़ हो जायें। आप किस लायक हैं और अपने आप को कहां तक खींच सकते हैं यह जानना आपके लिये बहुत ज़रूरी है। साथ ही आपमें ऐसे कौन से गुण हैं जिन पर आप सर्वाधिक भरोसा कर सकते हैं और ऐसी कौन सी कमज़ोरियां हैं जिनको अपनी कार्यप्रणाली से आपको नदारद कर देना चाहिये। इन प्रश्नों का उत्तर स्वयं से प्राप्त करके ही आप कोई भी भावी योजना बनायेंगे, तो आपके लिये उत्तम रहेगा।

तुला: सितम्बर 24 - अक्टूबर 23

आप अपने व्यक्तित्व को इस समय खंडित महसूस कर सकते हैं। अपने व्यवहार में समग्र और बहुआयामी होने के बजाय, इसे अनेक टुकड़ों में विभाजित महसूस कर सकते हैं। ऐसा इसलिये होगा क्योंकि आपके मन में विचारों का सैलाब सा उमड़ेगा जहां हर विचार आपको अपनी ओर खींचना चाहेगा। इस समय यदि अपने मन की सुनेंगे, तो वह आपको एक चैराहे के बीचो-बीच लाकर खड़ा कर देगा। ऐसे में कौन सा मार्ग अपनाना चाहिये, इस विषय में आपकी मदद आपका मन नहीं, केवल आपका हृदय ही कर पायेगा। पर अपने हृदय की आवाज़ साफ-साफ सुनने के लिये आपको अपने खंडित मन को पूरी तरह विसर्जित करना होगा। ऐसा करने के पश्चात ही आप अपने भीतर नये और व्यापक व्यक्तित्व का उदय महसूस कर सकेंगे। विपस्सना ध्यान का प्रयोग इस समय मन को शांत करने में सहायक सिद्ध होगा।

वृश्चिक: अक्टूबर 24 - नवंबर 22

इस कथन से आप बखूबी रूप से वाकिफ़ होंगे कि समय एक ऐसा आयाम है जो कभी किसी के लिये नही रुकता। और जो व्यक्ति बदलते समय के साथ स्वयं को भी बदल लेता है वही व्यक्ति जीवन के साथ ताल-मेल बिठाने में सफल हो पाता है। समय की महत्ता को समझते हुये आपको इस समय इसका पूर्ण रूप से सम्मान करना चाहिए। अर्थात् आपके समक्ष कुछ ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं जिनमें आपको हाथो-हाथ बिना देर किए निर्णय लेना पड़े। हर हालात में वक्त की नज़ाकत को समझना, आपके ऊपर निर्भर है। कुछ फैसले आपको ऐसे लेने पड़ सकते हैं जिन्हें यदि आपने टाल दिया, तो वैसा सुनहरा अवसर शायद दुबारा न आये। अतः बहुत ही समझदारी से काम लेना है आपको इस समय, ताकि हाथ में आया हुआ शुभ अवसर आप चूक न जायें। साथ ही अपनी ऊर्जा को सृजनात्मकता का मार्ग दिखाकर अपने समय का पूर्ण रूप से सदुपयोग करें।

धनु: नवंबर 23 - दिसंबर 23

आपके लिये समय है बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय लेने का। आपको स्वयं के बाबत यह चुनाव करना होगा कि आपके लिये क्या अधिक महत्वपूर्ण है? दूसरे जो आपके विषय में सोचते हैं वह, या आप जो स्वयं के बारे में सोचते हैं वह? ज्य़ादा सत्य कहां छिपा हैं? दूसरों की आंखों में छिपी आपकी छवि में या आपके खुद के भीतर गढ़ी-बसी आपकी छवि में? समय आ गया है जहां आपका स्वयं पर भरोसा और मज़बूत हो जाना चाहिये। इस समय आपको इस बात की फिक्र छोड़ देनी चाहिये कि आपके विषय में कोई क्या सोचता है, या क्या कहता है। अपने आत्मविश्वास को जगायें और अपनी आंखों में इसकी चमक झलकने दें।

मकर: दिसंबर 24 - जनवरी 20

इस समय आप अपने भीतर अनेकों प्रकार की बेचैनी और अशांति महसूस कर सकते हैं। इसी कारण आपके स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी झलकेगा। अपने कार्यक्षेत्र में मनमुताबिक काम न चलना अथवा पारंपरिक मसलों पर आम राय न बन पाना, इस अशांति के मुख्य कारण हो सकते हैं। इस समय आपकी यह प्रवृत्ति रहेगी कि छोटी-छोटी बातें भी आपको विचलित कर देंगी और बिना किसी ठोस वजह के आप बार-बार क्रोधित हो उठेंगे। ऐसे समय में आपके लिये स्वनियंत्रण बनाये रखना अत्यंत ही आवश्यक है। आप जितना धैर्य और संयम से काम लेंगे, उतना ही बिगड़ते काम फिर से बनने लगेंगे। यदि क्रोध और चिड़चिड़ेपन को आपने अपने ऊपर हावी होने दिया तो आप स्वयं अपना नुकसान कर बैठेंगे। इसलिये यह सचेत रहने का समय है और अपने हित हेतु अधिक से अधिक शांत रहने के प्रयास की आवश्यकता है। प्रतिदिन सवेरे किसी बाग-बगीचे की सैर से आपको तरो-ताज़ा और शांत रहने में सहायता मिलेगी।

कुंभ: जनवरी 21 - फरवरी 19

बीते समय में लिये गये निर्णय और उस ओर उठाये गये कदम के परिणामों के बाहर आने का समय निकट आ रहा है। आप यह जानकर प्रसन्न होंगे कि गुज़रे समय में जो भी कार्य आपने सच्चे मन और निष्ठा से किये थे, उनके शुभ परिणाम आपको जल्द ही मिलने लगेंगे। परंतु इस समय आपको धैर्य बनाये रखने की आवश्यकता है। ऐसे समय में सारी सफलतायें एक ही झटके में हाथ लग जाये - इस प्रकार की अपेक्षा रखना बिलकुल भी सही नही होगा। ठीक समय आने पर, एक-एक करके सारे नतीजे आपके समक्ष खुद-ब-खुद आ जायेंगे। प्रकृति से ही इसका उदाहरण लें, प्रतिदिन सूरज भी धीरे-धीरे उगता है और धीरे-धीरे अपना प्रकाश फैलाना आरंभ करता है, न कि एकदम से चमकने लगता है। तो आप भी इसी से प्रेरणा लें और प्रतीक्षा का मार्ग चुनें। साथ ही हाथों में लिये कार्यों को भी पूरे मन से करें, ताकि आगे चलकर आपको इसी प्रकार अच्छे परिणाम मिलते रहें। प्रतिदिन सूर्योदय के समय ध्यान करना अत्यंत लाभकारी रहेगा।

मीन: फरवरी 20 - मार्च 20

किसी भी परिस्थिति का दो प्रकार से सामना किया जा सकता है। या तो व्यक्ति अपने ज्ञान का सहारा ले सकता है या फिर अपने व्यवहार से स्थिति को संभाल सकता है। आपके सामने इस समय जो हालात उत्पन्न होंगे उसमें आपके ज्ञान और आपकी जानकारी से ज्य़ादा मददगार आपकी व्यवहार-कुशलता सिद्ध हो सकती है। और ऐसा अनेक परिस्थितियों में संभव है कि ज्ञान की कमी के कारण या ज्ञान होते हुए भी बात न बन पाये, पर फिर भी आपका सही व्यवहार, बोलने में मिठास, आचरण में दूसरों के लिये सम्मान आदि परिस्थितियों को संभालने में आपकी मदद कर दे। अतः विनम्रता के पथ पर चलते हुए आपको अपने स्वभाव और व्यवहार में और निखार लाने पर ध्यान देना है। खुले आसमान में प्रातः संध्या ध्यान करना अत्यंत ही लाभप्रद रहेगा।