Osho World Online Hindi Magazine :: July 2012
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विशेष रिपोर्ट
नोएडा, उत्तर प्रदेश में ओशो फिल्म शो

27 मई को ओशो जीवन दर्शन पर आधारित ओशो फिल्म शो का आयोजन नोएडा के एक कम्यूनिटी सेंटर में किया गया। कार्यक्रम में ओशो वर्ल्ड फाउन्डेशन द्वारा निर्मित तीन फिल्मों को दिखाया गया - सदगुरु एक परम रहस्य, डांस योअर वे टू गाड तथा संबुद्ध जीवन।

सदगुरु एक परम रहस्य फिल्म में ओशो ने गुरु की महिमा पर प्रकाश डाला है। ओशो कहते है-‘गुरु इस जगत में सबसे बड़ा चमत्कार है, क्योंकि वह होता है आदमी जैसा, और फिर भी उसमें कुछ है जो आदमी जैसा नहीं है। वह किसी दूसरे लोक की खबर ले आया है। उसने कुछ देखा है - कोई नूर, कोई प्रकाश, जिसकी झलक तुम उसकी आंखों में देख सकते हो।'

डांस योअर वे टू गाड फिल्म में जीवन के हर एक क्षण को एक उत्सव के रूप में मनाने को कहा गया है। ओशो कहते है-मैं चाहता हूं कि मेरे लोग इस जगत को हंसी से, खुशी से गीतों से और नृत्यों से भर दें। हम किसी स्वर्ग की तलाश में नहीं है, हमारी तो सारी खोज इस बात की है कि अभी और यहीं कैसे स्वर्ग निर्मित किया जाएं।

संबुद्ध जीवन में ओशो के जीवन के प्रारम्भ से लेकर संबुद्ध होने तक की सम्पूर्ण बूंद इस फिल्म में समायी हुई है। ओशो कहते हैं-'संबोधि का अर्थ है, जो है सो है। उससे जुड़ जाना और जो नहीं है उससे पकड़ ढीली कर देना।'

ओशो जीवन दर्शन और ध्यान की फिल्में देखने के बाद वीडियो के माध्यम से ओशो ओम ध्यान करवाया गया जिसे उपस्थित सभी मित्रों ने मौनपूर्वक किया। कार्यक्रम का संचालन स्वामी सत्य वेदांत ने किया। ओशो वर्ल्ड फाउन्डेशन के तत्वावधान में, मा प्रेम प्रभा द्वारा आयोजित इस फिल्मोत्सव में अनगिनत ओशो सन्यासियों और प्रेमियों की उपस्थिति रही।