Osho World Online Hindi Magazine :: March 2012
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गतिविधियाँ

जहानपुर, मध्य प्रदेश



25 से 31 दिसम्बर ओशो मौलश्री कम्यून में ‘नो-माइंड’ ध्यान ग्रुप का आयोजन हुआ। ध्यान केंद्र में युवाओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और ध्यान में अपनी उत्सुकता दिखाई।

-भूमिका

मालवीय नगर, नई दिल्ली

ओशो भगवानश्री मेडिटेशन सेंटर में 31 जनवरी को स्वामी आनंद अरुण के संचालन में ध्यान-सत्संग का आयोजन हुआ। शेयरिंग सत्र में अनेक मित्रों ने गहरी ऊर्जा को स्पर्श किया। दो नए मित्रों ने नव-संन्यास ग्रहण किया। 19 जनवरी को ओशो दिवस बड़ी ही श्रद्धा और अहोभाव के साथ मनाया गया। 5 फरवरी को एक-दिवसीय ध्यान शिविर लगा जिसका संचालन स्वामी आनंद गोपाल ने कुशलतापूर्वक किया।

-मा आनंद माधवी

राजकोट, गुजरात

31 दिसम्बर को नववर्ष की पूर्व संध्या ध्यानोत्सव एवं ‘सलाम- 2011, स्वागत 2012’ मनाया गया। उत्सव में 2 मित्रों ने नव- संन्यास ग्रहण किया।

-स्वामी सत्य प्रकाश

जयपुर, राजस्थान



नव वर्ष 2012 के आगमन पर ओम शांति ओशो लाईब्रेरी के तत्वावधान में अनेक जगहों पर ध्यानोत्सव के आयोजन हुए। ध्यान- शिविरों में कई ध्यान की विधियां करवाई गईं। सभी ने हंसते, गाते, नाचते हुए नव वर्ष का स्वागत किया।
ओशो दिवस, 19 जनवरी को विद्याधर नगर में ध्यान पर एक कार्यक्रम हुआ। शिविर में अनगिनत प्रेमियों ने बड़े ही उमंग और उत्साह से भाग लिया। उत्सव का संचालन स्वामी जीवन चैतन्य ने किया।
राजस्थान विधानसभा में ओशो-स्मारिका 2012 का विमोचन विधानसभा अध्यक्ष श्री दीपेन्द्र सिंह शेखावत ने किया। प्रोग्राम में ओशो-प्रेमियों के साथ-साथ अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति भी रही।

-स्वामी चैतन्य सत्यार्थी

भीलवाड़ा, राजस्थान

महाराणा टाकीज में गत् 31 दिसम्बर को एक ओशो फिल्म शो का आयोजन किया गया। यह प्रथम बार था कि विशाल पर्दे पर यहां ओशो की फिल्म को दिखाया गया। इसे देखने अनगिनत मित्र हाल में पहुंचे और मौनपूर्वक पूरी फिल्म का आनंद लिया। थियेटर के मालिक लुकमान भाई का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन स्वामी आत्मो निनाद एवं स्वामी चेतन रणजीत ने किया।

-राजेश शर्मा

भटिंडा, पंजाब



ओशो प्रेम ध्यान मंदिर में 1 जनवरी को एक दिवसीय ध्यान का कार्यक्रम हुआ। स्वामी सागर के संचालन में 55 मित्रों का आगमन हुआ।

-स्वामी देव नमन

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश

अखिल भारतीय योग संस्थान, गाजियाबाद के तत्वावधान में 5 जनवरी को ध्यान पर एक दिवसीय मेडिटेशन वर्कशाप आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन नगर के डिप्टी एस.पी. श्री धर्मेन्द्र शिरोही द्वारा किया गया। घने कोहरे और कड़कड़ाती सर्दी के होते हुए भी 100 प्रेमियों की भागीदारी रही। सभी ने स्वामी शून्यम प्रकाश के निर्देश में अनेक ध्यान विधियों का स्वाद चखा।

-देवेन्द्र हितकारी

मलोट, पंजाब



जनवरी माह के प्रथम सप्ताह शी शैल रिज़ार्ट में 6 से 8 तीन दिवसीय ध्यान शिविर लगा। ध्यान में 70 मित्रों की उपस्थिति रही और 3 मित्रों ने नव-संन्यास लिया। संचालन स्वामी अंतर जगदीश ने किया।

-मा दिव्यम निष्ठा

शाहगंज, आगरा

ओशो ध्यान साधना केंद्र एवम् लाईब्रेरी में 8 जनवरी को एक दिवसीय ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। विभिन्न ध्यान विधियों के द्वारा सभी ने गहन मौन का आनंद लिया।

-स्वामी ज्ञान दीपेश

सोलन, हिमाचल प्रदेश



ओशो ज़ाज़ेन आश्रम में 10 जनवरी को ध्यानोत्सव का कार्यक्रम हुआ। उत्सव में स्थानीय तथा ग्रामीण मित्रों की उपस्थिति सराहनीय रही। सभी ने ओशो-प्रवचनों एवं ध्यान विधियों का स्वाद चखा। शिविर का संचालन मा ध्यान आभा तथा स्वामी अंतर जगदीश ने किया।

-स्वामी गोविन्द चैतन्य

वनखंड, झारखंड

ओशो आश्रम की ओर से 10 जनवरी को सिटी सेंटर स्थित रॉयल पब्लिक स्कूल में ‘इनर ग्रोथ इज़ मॉरल ग्रोथ’ पर ध्यान का आयोजन किया गया। साथ-ही 12 जनवरी को बोकारो इस्पात सीनियर सेकेंडरी स्कूल के परिसर में एक शिविर लगा। दोनों शिविरों में अनेकों विद्यार्थियों और उनके परिजनों की महत्वपूर्ण भागीदारी रही।

-स्वामी देव उत्सव

गोवा



एक पांच दिवसीय ओशो ध्यान शिविर लगा 10 से 15 जनवरी को ओशो प्रेयर होम में। शिविर में देश-विदेश के अनेक संन्यासियों ने हिस्सा लिया। ओशो दिवस महोत्सव के उपलक्ष में 19 जनवरी को अरमबोल बीच के होटल ओशोबा में ओशो पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई।

-ओशो प्रेयर होम, गोवा

देवताल, जबलपुर

ओशो अमृतधाम में स्वदर्शन साधना शिविर 14 से 18 जनवरी एवं 26 से 29 जनवरी को आयोजित किया गया। विभिन्न राज्यों से आये साधक मित्रों ने ओशो की ध्यान-पद्धतियों का स्वाद लिया एवं नये रूपांतरण का अनुभव किया।

-स्वामी शिखर

भीमताल, नैनीताल

ओशो ओम् प्रकाश पीठ, जून स्टेट में 19 से 22 ओशो दिवस महोत्सव मनाया गया। उत्सव में अनगिनत मित्रों की हिस्सेदारी रही।

कैथल, हरियाणा

ओशो दिवस के उपलक्ष में 19 जनवरी को ओशो पुरम ध्यान केंद्र में एक दिवसीय महोत्सव का आयोजन हुआ। शिविर में युवा वर्ग ने ध्यान में अधिक रुचि दिखाई।

-स्वामी प्रेम अनंत

कोटा, राजस्थान



19 से 21 तीन दिवसीय ध्यान शिविर लगा ओशो सद्धर्म ध्यान केंद्र में। मा योग शुक्ला के संचालन में 50 मित्रों ने ध्यान किया तथा 5 मित्रों ने नव-संन्यास में प्रवेश पाया।

-मा ध्यान ऊर्जा

गाडरवारा, मध्य प्रदेश



ओशो दिवस, 19 जनवरी के दिन नससिंहपुर आश्रम में एक-दिवसीय शिविर संपन्न हुआ। ध्यान में अनगिनत प्रेमियों ने भाग लिया। उत्सवपूर्ण वातावरण में 10 शिष्यों ने नव-संन्यास धारण किया।

-के.एल.शुक्ला

देहरादून, उत्तराखंड



ओशो ओम बोधिसत्व कम्यून में 19 से 21 ओशो महोत्सव एवं ध्यान शिविर आयोजित किया गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद देश-विदेश से अनेक मित्र ध्यान में सम्मिलित हुए। साथ-ही 4 मित्र नव-संन्यास में दीक्षित हुए। उत्सव के समापन में सभी संन्यासी खूब नाचे, गाये और उत्सव मनाया।

मधेपुरा, बिहार

ओशो मेघदूत ध्यान केंद्र के तत्वावधान में 18 से 19 दो दिवसीय ओशो दिवस महोत्सव घटित हुआ। उत्सव में 65 मित्रों ने आनंद व मौन का अनुभव किया। मा प्रेम प्रशंसा एवं स्वामी आकाशदीप ने शिविर का संचालन किया।

-स्वामी अमृत बंधु

तीथल, गुजरात

समुद्र तट के निकट ओशो शांतिकुंज ध्यान मंदिर में दिनांक 19 से 22 जनवरी ध्यान साधना शिविर आयोजित किया गया। साधना में 35 प्रेमियों की समर्पण भाव से सहभागिता रही। शिविर का संचालन स्वामी विट्ठल ने किया।

मेरठ, उत्तर प्रदेश

19 जनवरी को ओशो दिवस महोत्सव मनाया गया ओशो सद्धर्म ध्यान केंद्र में। शिविर में 35 मित्रों ने साधना सूत्र पर ओशो-प्रवचन सुने तथा ‘द लास्ट नमस्ते’ का ओशो-विडियो दिखाया गया। शिविर का संचालन स्वामी आनंद अवनेश ने किया।

-मा शांति

पुणे, महाराष्ट्र



ओशो महापरिनिर्वाण दिवस पर तीन दिवसीय ध्यान शिविर लगा मौलाना आजाद ऑडिटोरियम में। उत्सव में अनेक देशों से 300 मित्रों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 42 संन्यासी नव-संन्यास में संन्यस्त हुए। 19 जनवरी को ओशो दिवस पर कोरेगांव पार्क के बर्निंग घाट पर एक भव्य उत्सव हुआ एवं ओशो को श्रद्धांजलि अर्पित की गई जिसकी पूरे शहर में चर्चा रही। महोत्सव का संचालन स्वामी आनंद अरुण ने किया।

अजमेर, राजस्थान

ओशो अर्चना ध्यान केंद्र में 19 जनवरी को ओशो दिवस महोत्सव पूरे हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। स्वामी शिव के भावपूर्ण संचालन में विभिन्न ध्यान विधियों को गहन मौन व उत्सव के साथ बीच-बाजार में उतारा गया। मा योग सुमति ने अपने भजनों की प्रस्तुति दी। साथ-ही-साथ ओशो विडियो शो के कार्यक्रम भी हुए।

-स्वामी ध्यान अदेह

गया, बिहार

ओशो सूचना ध्यान केंद्र में 19 जनवरी को ओशो महापरिनिर्वाण दिवस बड़े ही धूम-धाम से मनाया गया। शिविर में आए सभी साधकों ने ध्यान, प्रेम तथा मौन का स्वाद लिया।

-स्वामी देव इष्ट

लुधियाना, पंजाब



ओशो मित्रों द्वारा 22 जनवरी को एक दिवसीय ध्यान शिविर आयोजित किया गया। आज के तनावपूर्ण तथा व्यस्त माहौल में किस प्रकार ध्यान के साथ आनंदित जीवन जिया जाए--शिविर में बताया गया जिसको 60 मित्रों ने मौनपूर्वक ग्रहण किया। ध्यानोत्सव का संचालन स्वामी देव नमन ने किया।

चांपा, छत्तीसगढ़





22 जनवरी को स्वामी चैतन्य कीर्ति तथा स्वामी आनंद अरुण ने ओशो प्रेम ध्यान आश्रम का लोकार्पण किया। साथ-ही 25 से 30 जनवरी अमरकंटक में ध्यान सत्संग शिविर लगाया गया। स्वामी आनंद अरुण के संचालन में 200 मित्र उपस्थित हुए। 55 साधकों ने नव-संन्यास लिया।

-विवेक

वैशाली, बिहार

20 से 22 जनवरी तीन दिवसीय ध्यान साधना शिविर लगा हाजीपुर में। शिविर में कई महत्वपूर्ण ध्यान की विधियों से मित्रों को अवगत करवाया गया। संन्यास उत्सव में 6 मित्रों ने नव-संन्यास लिया। मा प्रेम ईशा तथा स्वामी आनंद शांतम ने शिविर का संचालन किया।

नर्मदा, गुजरात



ओशो लोटस द्वारा, नर्मदा निहार रिजार्ट, केवदिया कॉलोनी में 26 से 29 जनवरी ओशो ध्यान शिविर का महत्वपूर्ण आयोजन हुआ। कार्यक्रम में 300 मित्रों ने भाग लिया। शिविर में गहन मौन के साथ कई ध्यान विधियां हुईं। अंतिम दिन नाचते-गाते 35 साधकों ने मा योग नीलम से नव-संन्यास ग्रहण किया।

-स्वामी अंतर राही

काठमाण्डू, नेपाल



19 जनवरी, ओशो महापरिनिर्वाण दिवस बहुत धूमधाम के साथ मनाया गया। पूरा दिन गुरु की महिमा के कीर्तन, भजन एवं प्रवचनों को समर्पित रहा। दिन की बैठक में 200 मित्र सभागार में उपस्थित हुए जिसमें गुरु की आवश्यकता एवं गुरु-शिष्य के संबंधों पर विशेष चर्चा हुई। शिविर का संचालन स्वामी रवि भारती एवं सहयोग स्वामी कृष्ण मोहन का रहा। इसी माह 4 सप्ताहान्त ध्यान शिविरों का आयोजन किया गया जिसमें 12 मित्रों ने नव-संन्यास लिया।

-भावांजलि

शामली

दिल्ली से लगभग 100 कि.मी. की दूरी पर शामली गांव में ओशो अनुग्रह ध्यान केंद्र है। यहां प्रतिदिन सांय 2 घंटे सांध्य सत्संग और ध्यान होता है। इस केंद्र की स्थापना में एक संन्यासी मित्र स्वामी प्रेम हंस (रविंद्र सिंह निर्वाल) का सर्वाधिक सहयोग रहा है। गत् 7 जनवरी को एक शादी-समारोह के दौरान एक दुर्घटना में उनका निधन हो गया। स्वामी प्रेम हंस के प्रति शामली के सभी साधक-संन्यासी मित्रों ने अपना अहोभाव व्यक्ति किया है।