Osho World Online Hindi Magazine :: September 2012
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ओशो वर्ल्ड गैलेरिया - नृत्य कला और सृजनात्मकता...

3 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित ओशो वर्ल्ड गैलेरिया में 'ओशो क्रिएटिविटी प्रदर्शनी' का आयोजन हुआ। जिसमें में नृत्य, कला और सृजनात्मकता का प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथि सूफी कत्थक नृत्यांगना मंजरी चतुर्वेदी ने ओशो के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया। कार्यक्रम के दौरान ओशो के कला और सृजनात्मकता के प्रवचन को सुनाया गया जिसे समस्त मित्रों ने ध्यानपूर्वक सुना।

कत्थक नृत्यांगना व ओशो संन्यासिन मा दिव्या ने नृत्य का प्रारंभ शिव वंदना से किया। नृत्यकला के बाद उन्होंने सद्गुरु ओशो के सानिध्य में अपनी कला और पेन्टिंग का प्रदर्शन करने के लिए ओशो वर्ल्ड टीम का आभार प्रकट किया।

विडियो
समय: 8 मिनट 36 सेकंड

 

ध्यान-जगत

औरंगाबाद, महाराष्ट्र



ओशो ध्यान साधना ट्रस्ट की ओर से एक तीन दिवसीय ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। 10 से 12 अगस्त तक चले शिविर में विभिन्न ध्यान-विधियां करवाई गईं जिसका अनेकों प्रेमियों ने आनंद लिया। 16 मित्र नव-संन्यास में संन्यस्त हुए। स्वामी गोपाल भारती व मा ध्यान नीरजा ने ध्यान-शिविर का संचालन किया।

-स्वामी वीतराग

गंगटोक, सिक्किम

ओशो आनंद अभियान के आयोजन में 05 से 07 सितम्बर तीन दिवसीय ध्यान-साधना का कार्यक्रम हुआ। शिविर में विभिन्न ध्यान-विधियां करवाई गई। अंतिम दिन 9 मित्रों ने संन्यास में प्रवेश किया। कार्यक्रम को स्थानीय समाचार एवं न्यूज चैनलों ने महत्वपूर्ण कवरेज दी। शिविर का संचालन स्वामी विट्ठल ने किया।

रानीगंज, पश्चिम बंगाल

महापरिनिर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में 07 से 09 सितम्बर तक महोत्सव मनाया गया। शिविर में ध्यान के कार्यक्रम हुए जिसका संचालन स्वामी अक्षय विवेक ने किया।

-स्वामी दयाल

होशियारपुर, पंजाब



ओशो साइलेंस वैली में महापरिनिर्वाण उत्सव तीन दिवसीय शिविर के साथ बड़े ही धूम-धाम से मनाया गया। जिसका संचालन स्वामी ओम गोविंद व मा प्रेम राबिया ने किया। साथ-ही नव-संन्यास दिवस पर एक दिवसीय ध्यान का आयोजन हुआ जिसमें अनेकों मित्रों ने भाग लिया।

-मा सुजाता

कोटा, राजस्थान



ओशो श्रद्धा ध्यान केंद्र में गत् 07 से 09 सितम्बर महापरिनिर्वाण महोत्सव मनाया गया। जिसमें 60 मित्रों का आगमन हुआ तथा 08 साधकों ने नव-संन्यास दीक्षा ली। कार्यक्रम का संचालन मा योग शुक्ला ने किया।

-मा ध्यान ऊर्जा

वाराणसी, उत्तर प्रदेश



ओशो मंदाकिनी आश्रम में 07 से 09 सितम्बर महापरिनिर्वाण महोत्सव आयोजित किया गया। स्वामी चैतन्य कीर्ति के संचालन में 100 साधकों ने तीन दिन तक ध्यान, प्रेम तथा मौन की गंगा में सराबोर रहे। अंतिम दिन 12 मित्रों ने नव-संन्यास में प्रवेश किया।

-मा अमृता

देवताल, जबलपुर

ओशो अमृतधाम में दिनांक 08 से 16 सितम्बर ओशो महापरिनिर्वाण दिवस महोत्सव का आयोजन हुआ। शिविर में भारत के विभिन्न प्रांतों से आये साधक मित्रों ने भाग लिया। ओशो की अनूठी विधियों के माध्यम से सभी ने ध्यान तथा मौन की गहराइयों में प्रवेश किया।

-स्वामी शिखर

आगरा, उत्तर प्रदेश



ओशो ध्यान साधना केंद्र एवं लाईब्रेरी में 09 सितम्बर को एक दिवसीय शिविर लगा। ध्यान में अनेकों मित्रों ने हिस्सा लिया। संचालन मा ध्यान तन्मया ने किया।

-स्वामी ज्ञान दीपेश

यमुना विहार, दिल्ली



महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर 10 सितम्बर की संध्या ध्यान की एक कार्यशाला आयोजित की गई। उत्सव में कई मित्रों का आगमन हुआ। संचालन स्वामी अतीत दौलत ने किया।

-माधवी झा

सोलन, हिमाचल प्रदेश



होटल फेल्कन क्रेस्ट में 14 से 16 सितम्बर त्रि-दिवसीय ध्यान शिविर लगा। देश-विदेश से 80 साधकों ने ध्यान में भाग लिया जिसका संचालन स्वामी ज्ञान साहिल ने किया।

-ओशो सान्ज़ेन

शिवपुरी, मध्य प्रदेश

ओशो मित्र मंडल की ओर से तीन दिवसीय ध्यान साधना आयोजित की गई। 14 से 16 सितम्बर के शिविर का संचालन मा ध्यान तन्मया ने किया।

इंदौर, मध्य प्रदेश



ओशो टालस्टॉय लाइब्रेरी तथा ओशो ध्यान विज्ञान मंदिर के तत्वावधान में 14 से 23 सितम्बर तक एम.जी.रोड स्थित गांधी हॉल में पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। ओशो बुक स्टाल पर शहर के अनेकों बुद्धिजीवी वर्ग, महिलाएं-पुरुष तथा युवाओं ने विशेष रुचि दिखाई। कार्यक्रम में ओशो संन्यासियों का विशेष योगदान रहा।
30 सितम्बर को नव-संन्यास पर एक दिवसीय ध्यान-शिविर लगा जिसमें ओशो के वीडियो प्रवचन तथा ध्यान के कार्यक्रम हुए।

-स्वामी स्वाधार तीर्थ

माउंट आबू, राजस्थान



मीरा और कबीर वाणी पर आधारित तीन दिवसीय ध्यान शिविर लगा। 17 से 19 सितम्बर तक चले इस ध्यान साधना शिविर में 30 मित्रों ने ध्यान का पूर्ण आनंद प्राप्त किया। जिसका संचालन स्वामी अंतर जश्न ने किया।

महाबलेश्वर, महाराष्ट्र



वोरा एग्रो फूड्स कंपनी द्वारा तीन दिवसीय ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 60 प्रेमियों ने ध्यान का आनंद लिया। 20 से 22 सितम्बर तक चले शिविर का संचालन स्वामी कुंदकुंद ने किया।

देहरादून, उत्तराखंड



22 सितम्बर की संध्या ओशो ओम बोधिसत्व कम्यून में एक त्रि-दिवसीय मेडिटेशन इंटेंसिव ग्रुप 'हू इज इन' का शुभारंभ हुआ। यह ध्यान ग्रुप 26 सितम्बर की संध्या ओशो नव-संन्यास दिवस तक चला। स्वामी नरेन्द्र बोधिसत्व तथा मा अमृत मुक्ति की उपस्थिति में 50 मित्र आनंद व अहोभाव से नृत्यमग्न होकर झूमे।

मंसा सिटी, पंजाब



ओशो बज्रयान की ओर से 23 से 27 सितम्बर तक ओशो पुस्तक प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी में अनगिनत मित्रों ने ओशो साहित्य का पूर्ण लाभ प्राप्त किया।

ऋषिकेश, उत्तराखंड

ओशो गंगाधाम में 25 से 28 सितम्बर तीन दिवसीय ओशो ध्यान शिविर लगा। ध्यान में 65 मित्रों की उपस्थिति रही। 5 नये मित्रों ने संन्यास में प्रवेश किया। ध्यान-शिविर का संचालन स्वामी आनंद एकांत ने किया।

सुनाम, पंजाब



ओशो फ्रेंड्स द्वारा 26 से 30 सितम्बर तक पांच-दिवसीय ध्यान शिविर आयोजित किया गया। साथ-ही ओशो बुल्ला ध्यान केंद्र, संगरूर की ओर से पुस्तक प्रदर्शनी लगाई गई। ध्यान में 70 मित्रों ने भाग लिया तथा 7 साधक नव-संन्यास में दीक्षित हुए। शिविर का संचालन स्वामी आनंद विजय ने किया।

-स्वामी सुनील

जयपुर, राजस्थान

ओम शांति ओशो लाइब्रेरी द्वारा 'ओशो वर्ल्ड' के अक्टूबर अंक 'ज़ेन की मस्ती, आनंद, हास्य और गीतों भरा मार्ग' का विमोचन डॉक्टर ओमेन्द्र सिंह द्वारा करवाया गया। पेशे से डॉक्टर दम्पत्ति अस्पताल के साथ-साथ ओशो के कार्य-ध्यान में भी विशेष रूचि रखते है। वे एक संगीतज्ञ भी हैं। इस अवसर पर डॉक्टर सिंह ने कहा कि 'ओशो वर्ल्ड पत्रिका' ओशो के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का नायाब़ साधन है।

-स्वामी ओम शांति

इंदौर, मध्य प्रदेश

7 दिवसीय ओशो ग्लोबल इवेंट 01 से 07 अक्टूबर तक चला जिसका समापन रविवार को पूरे आनंद और उत्सवमय माहौल में हुआ। अंतिम दिन ओशो की पुस्तकों के 10 नए हिंदी तथा अंग्रेजी संस्करण का विमोचन किया गया। साथ-ही ध्यान और संगीत की कई सी.डीज़ को उपस्थिति ओशो प्रेमियों को उपहारस्वरूप दी गई।

काठमाण्डू, नेपाल

ओशो तपोवन में गत् माह चार, तीन दिवसीय शिविर लगे। शिविर में भारत के महामहिम राजदूत श्री जयन्त प्रसाद का आगमन हुआ। उन्होंने त्रैमासिक ओशो पत्रिका के नये संस्करण का अनावरण किया। शिविर पूरे माह अनेकों साधक-मित्रों ने हिस्सा लिया।

रूस

08 से 23 सितम्बर तक रूस के कई शहरों में ध्यान शिविर का आयोजन हुआ। 09 व 18 सितम्बर को ध्यान-सत्संग हुए तथा 19 से 23 सितम्बर को पांच दिवसीय ध्यान शिविर चला। अनेकों नये मित्रों ने कार्यक्रम में भाग लिया। नवोसिविरस्क शहर के बाहर 13 से 16 सितम्बर एक ध्यान शिविर लगा। सभी शिविरों में 65 प्रेमियों ने नव-संन्यास में दीक्षा ली। संचालन स्वामी आनंद अरुण तथा सहयोग स्वामी आनंद अर्हत ने किया।