Osho World Online Hindi Magazine :: September 2012
www.oshoworld.com
 
  गतिविधियां
 
 

ओशो वर्ल्ड गैलेरिया - महापरिनिर्वाण दिवस उत्सव

5 तारीख की संध्या नई दिल्ली स्थित ओशो वर्ल्ड गैलेरिया में सदगुरू ओशो के पिताजी स्वामी देवतीर्थ भारती के महापरिनिर्वाण दिवस पर भजन-कीर्तन का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसकी शुरुआत स्वामी आनंद कुल भूषण ने किया।

कार्यक्रम के दौरान ‘‘गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो’’ की धुन पर कीर्तन-ध्यान का आरंभ हुआ। जिसको उपस्थित सभी मित्रों ने ध्यानमग्न होकर सुना। भजन समापन के बाद सभी प्रेमियों ने 5 मिनट का मौन धारण किया।

इसके बाद ओशो के अपने पिताजी स्वामी देवतीर्थ भारती के महापरिनिर्वाण पर दिये गये प्रवचनों का एक संक्षिप्त वीडियो दिखाया गया। जिसमें ओशो कहते हैः ‘‘मैं अत्यंत आनंदित हूं कि मरने के कुछ ही घंटे पहले उन्होंने यात्रा पूरी कर ली। आठ तारीख की संध्या शरीर छूटा, लेकिन आठ तारीख की सुबह चार बजे के करीब उनका बुझा दीया जल गया। उस सांझ मैं उन्हें देखने गया था, देख कर मैं निश्चित हुआ। कि वे नहीं जीएंगे; जीने का तो कोई बहुत अर्थ भी नहीं है। लेकिन आनंदित मैं लौटा, क्योंकि जो होना था वह हो गया; अब उन्हें दोबारा न आना पड़ेगा। वे जान कर गए, पहचान कर गए, आनंदित गए। अब उनका कोई पुनरागमन नहीं है। और आवागमन से छूट जाना ही इस जीवन की शिक्षा है। इस जीवन में वही सफल है जो आवागमन से छूट गया है।’’ इस दिन ओशो शिष्य व प्रेमी ‘महापरिनिर्वाण’ के रूप में मनाते हैं।

स्वामी आनंद कुलभूषण ने स्वामी देवतीर्थ भारती ‘दद्दाजी’ के संबंध में अनेक महत्वपूर्ण बातें बतायी। स्वामी चैतन्य कीर्ति ने दद्दाजी के संन्यास-दीक्षा के अद्भुत रहस्यों को उजागर किया। इस उत्सव में अनेकों मित्रों की उपस्थिति रही।

विडियो
समय: 1 मिनट 58 सेकंड

 

 

ध्यान-जगत

कुशीनगर, उत्तर प्रदेश



एक दिवसीय ध्यान शिविर के साथ 8 अगस्त को गोरखपुर में नव-निर्मित ओशो मैत्रेय ध्यान केंद्र का शुभारंभ किया गया। शिविर में अनेक मित्रों का आगमन हुआ। शिविर संचालन स्वामी ज्ञान साहिल ने किया।

-स्वामी अंतर दिनेश

वाराणसी, उत्तर प्रदेश



ओशो मंदाकिनी आश्रम में 10 से 12 अगस्त तीन दिवसीय ध्यान शिविर का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में 70 मित्रों की प्रेमपूर्ण उपस्थित रही। अंतिम दिन 8 मित्रों ने नव-संन्यास में प्रवेश किया। संचालन स्वामी ज्ञान साहिल ने किया।

-मा अमृता

शाहगंज, आगरा

12 अगस्त को एक ओंकार सतनाम पर आधारित एक दिवसीय ध्यान-सत्संग एवं कीर्तन का कार्यक्रम हुआ। जिसमें 32 साधकों का आगमन हुआ। शिविर संचालन स्वामी ज्ञान दीपेश ने किया।

-अनंत योजना

सोलन, हिमाचल प्रदेश



12 अगस्त को ओशो आशीष ध्यान मंदिर में एक दिवसीय शिविर लगा। ध्यान में कई महत्वपूर्ण विधियां करवाई गई। स्वामी सत्य निरंजन ने शिविर का संचालन किया।

-स्वामी आनंद विजय

नांदेड, महाराष्ट्र



श्री गुरु ग्रंथ साहेब भवन में 14 से 16 अगस्त तीन दिवसीय ओशो ध्यान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 50 प्रेमियों ने भाग लिया। इस शिविर में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का विशेष योगदान रहा। संचालन स्वामी गोपाल भारती तथा मा ध्यान नीरजा ने किया।

-विरेन्द्र सिंह

इंदौर, मध्य प्रदेश



ओशो संबोधि ध्यान केंद्र, ओशो समाधि ध्यान केंद्र तथा ओशो ध्यान विज्ञान मंदिर के संयुक्त तत्वावधान में 17 से 20 अगस्त तीन दिवसीय ओशो ध्यान शिविर का आयोजन हुआ। 150 मित्रों की शिविर में सहभागिता रही। तंत्रा प्राण साधना शिविर का संचालन स्वामी चैतन्य कीर्ति ने किया। नव-संन्यास उत्सव में 22 मित्रों ने दीक्षा ली।

-स्वामी बोधि आरोगिन

नागपुर, महाराष्ट्र



15 से 20 अगस्त पांच दिवसीय ओशो मेडिटेशन वर्कशॉप ‘‘इनर जर्नी’’ का कार्यक्रम हिंगना के संजीवन आश्रम में किया गया। शिविर में दैनिक ध्यान के साथ सभी ने अंतर्जगत का स्वाद चखा। संचालन स्वामी आनंद अभय ने किया।

-स्वामी प्रेम अनमोल

देहरादून, उत्तराखंड



ओशो ओम बोधिसत्व कम्यून में तीन दिवसीय साइलेंस ध्यान शिविर आयोजित किया गया। 18 से 20 अगस्त तक चले ध्यान शिविर में 50 साधकों का आगमन हुआ। उपस्थित सभी ने मित्रों ने नृत्य-संगीत के साथ उत्सव मनाया।

चित्तौड़गढ़, राजस्थान



होटल पद्मिनी में 18 से 20 अगस्त ध्यान पर आधारित एक तीन दिवसीय कार्यक्रम हुआ। स्वामी समर्पण भारती के साथ 50 साधकों ने ध्यान-शिविर का आनंद लिया।

-स्वामी देव शून्य

ऋषिकेश, उत्तराखंड

ओशो गंगाधाम में दिनांक 18 से 20 अगस्त को ओशो ध्यान शिविर आयोजित किया गया। ओशो की अनूठी ध्यान विधियों के माध्यम से सभी संन्यासियों ने आलौकिक ऊर्जा का अनुभव किया। शिविर का संचालन स्वामी आनंद गोपाल ने किया।

-मा नीलिमा

मुंबई, महाराष्ट्र

ओशो आनंद अभियान के आयोजन में 6 दिवसीय ध्यान शिविर लगा। शिविर में अनेकों मित्रों के साथ-साथ 150 विद्यार्थियों ने भी ध्यान का आनंद लिया। 02 साधकों ने नव-संन्यास की दीक्षा ली। शिविर का संचालन मा प्रेम भारती तथा स्वामी आनंद वर्तमान ने किया।

-स्वामी विट्ठल

माधवपुर, घेड़, गुजरात

ओशो आश्रम में 22 से 27 अगस्त 6 दिवसीय ओशो ध्यान शिविर आनंदमय संपन्न हुआ। ध्यान की अनेकों छोटी-छोटी विधियों से साधकों को अवगत करवाया गया। 26 अगस्त को नव-संन्यास उत्सव में 50 मित्रों ने ओशो संन्यास को ग्रहण किया। शिविर में 225 मित्रों ने भाग लिया। स्वामी ब्रह्म वेदांत ने शिविर का संचालन किया।

-स्वामी विट्ठल

आणंद, गुजरात



ओशो अनाहत ध्यान केंद्र में 25 और 26 अगस्त दो दिवसीय शिविर लगा। ध्यान-शिविर मा प्रेम पूजा के निर्वाण उत्सव को समर्पित रहा। 80 प्रेमियों ने उत्सव में हिस्सा लिया। ध्यान का संचालन मा प्रेम पूर्णिमा ने किया।

गोवा



स्वामी गोपाल भारती तथा मा ध्यान नीरजा के संचालन में 25 से 29 अगस्त ओशो ध्यान शिविर चला। शिविर में विभिन्न राज्यों के प्रेमियों का आगमन हुआ। 3 साधकों ने नव-संन्यास दीक्षा ली। ओशो प्रार्थना गृह में मौन-ध्यान पर दस दिवसीय 01 से 10 सितम्बर ‘साइलेंश मेडिटेशन रिट्रीट’ का कार्यक्रम हुआ। शिविर में आए सभी साधकों ने मौन-ध्यान का पूर्ण आनंद लिया।

-स्वामी आनंद अनुराग

जयपुर, राजस्थान



26 अगस्त को एक दिवसीय ध्यान शिविर का आयोजन ओशो-प्रेमियों ने मिलकर किया। ध्यान में अनेकों मित्रों ने हिस्सा लिया। स्वामी प्रेम खोजी ने शिविर का संचालन किया।

-स्वामी ध्यान नीजेन

भीमताल, नैनीताल



ओशो ओम प्रकाश पीठ में 30 अगस्त से 02 सितम्बर तक ध्यान शिविर चला। कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर मित्रों ने हिस्सा लिया। संन्यास उत्सव में अनेकों मित्रों ने दीक्षा ली। संचालन स्वामी शून्यम् प्रकाश द्वारा किया गया।

देवताल, जबलपुर

ओशो अमृतधाम में 31 अगस्त से 02 सितम्बर ओशो प्रेम ध्यान शिविर लगा। भारत के विभिन्न प्रांतों से आए अनेकों मित्रों ने ध्यान विधियों के माध्यम से एक नए रूपांतरण का अनुभव किया।

-स्वामी शिखर

लोनावला, महाराष्ट्र



तुलसी साधना कुटीर में 31 अगस्त से 02 सितम्बर तक ध्यान शिविर का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में 30 साधकों ने भाग लिया। संचालन स्वामी सागर ने किया।

-शिवम

भटिंडा, पंजाब



ओशो प्रेम ध्यान मंदिर में एक दिवसीय शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 70 ध्यान के खोजियों का आगमन हुआ। शिविर संचालन स्वामी कृष्ण देव भारती ने किया।

-स्वामी देव नमन

जलोर, राजस्थान

राजकीय उच्चतम माध्यमिक विद्यालय में ध्यान पर आधारित एक प्रोग्राम हुआ जिसमें विद्यार्थियों को ध्यान-साधना के बारे में बताया गया। स्वामी चैतन्य योगी तथा स्वामी ध्यान आलोक ने कार्यक्रम का संचालन किया।

पुणे, महाराष्ट्र

सुप्रसिद्ध स्थल रेज़ीडेंसी क्लब में स्वामी आनंद स्वभाव की पुस्तक ‘स्वर्णिम क्षणों की सुमधुर यादें’ का विमोचन हुआ। कार्यक्रम में नगर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों व ओशो-संन्यासियों की उपस्थिति के बीच यह समारोह पूर्ण रूप से सफल रहा।

वनखंड, झारखंड

ओशो ध्यान साधना केंद्र, ओशो आश्रम की ओर से अगस्त माह में अनेक स्कूलों में ध्यान का एक सेशन लगाया गया। कक्षा 8 से 10 तक के विद्यार्थियों को उनकी कक्षा में जाकर ध्यान के बारे में बहुत सी जानकारियां दी गई 4 अगस्त को सेक्टर तीन के स्कूल में प्राचार्य के माध्यम से अनेकों विद्यार्थियों को ध्यान करवाया गया। सभी ने कार्यक्रम का आनंद लिया। कार्यक्रम का संचालन स्वामी देव उत्सव ने किया।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश



ओशो वर्ल्ड ध्यान केंद्र द्वारा शहर में ओशो वर्ल्ड पत्रिका का निःशुल्क वितरण किया गया। पत्रिका-वितरण के लिए नगर के सार्वजनिक स्थलों को चुना गया। इस अभियान में शहर के अनेकों संन्यासियों ने हिस्सा लिया।
महापरिनिर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में 08 सितम्बर को एक दिवसीय ध्यान शिविर लगा। सभी प्रेमियों ने नृत्य तथा मौन ध्यान के साथ उत्सव का आनंद लिया।

-मज़हर खान

चित्रकूट, मध्य प्रदेश



एक दिवसीय ओशो भक्ति साधना आयोजित किया गया जिसमें 120 मित्रों की उपस्थिति रही। शिविर में 15 मित्रों ने नव-संन्यास दीक्षा ली। संचालन स्वामी आनंद एकांत ने किया।

-विवेक

पिपरिया, मध्य प्रदेश



एक दिवसीय ओशो ध्यान साधना शिविर लगा जिसका संचालन स्वामी ध्यान भारती ने किया। शिविर में 125 प्रेमियों ने ध्यान का आनंद लिया। 19 साधकों ने स्वामी अगेह सरस्वती से संन्यास दीक्षा ली।

चांपा, छत्तीसगढ़



एक दिवसीय ओशो ध्यान शिविर आयोजित किया गया जिसका संचालन स्वामी आनंद एकांत ने किया। ध्यान में 25 प्रेमी सम्मिलित हुए।

-विवेकs

संगरूर, पंजाब



ओशो बुल्ला ध्यान मंदिर की ओर से दो दिन का ध्यान शिविर लगाया गया। शिविर में अनेकों साधकों ने हिस्सा लिया। नव-संन्यास उत्सव में 7 मित्रों ने दीक्षा ली। स्वामी अंतर जगदीश तथा मा ध्यान आभा ने शिविर का संचालन किया।

मालवीय नगर, नई दिल्ली



ओशो भगवानश्री ध्यान केंद्र पर स्वामी आनंद अरुण के साथ 7 सितम्बर को सांध्य-सत्संग का अयोजन हुआ। भजन-संध्या में 2 साधकों ने नव-संयास दीक्षा ग्रहण की।

बरौनी, बिहार



ओशो प्रेमगीत नव-संन्यास कम्यून में तीन दिवसीय महापरिनिर्वाण दिवस महोत्सव शिविर लगा। उत्सव में 70 मित्रों की भागीदारी रही। मा प्रेम ईशा ने शिविर का संचालन किया।

-स्वामी प्रेम अमृत

मऊ, उत्तर प्रदेश



वनदेवी नेचुरल रिज़ोर्ट में 08 से 10 तीन दिवसीय ओशो ध्यान शिविर आयोजित किया गया। ध्यान में 30 साधकों की उपस्थिति हुई। स्वामी रामावतार भारती ने शिविर का संचालन किया।

-स्वामी आनंद राकेश

सहारनपुर, उत्तर प्रदेश



ओशो सनातन ध्यान केंद्र में 9 सितम्बर को एक दिवसीय ध्यान शिविर लगा। कार्यक्रम में अनेकों लोगों ने ध्यान-विधियों तथा कीर्तन में डूबकर अपने भीतर शांति और आनंद का अनुभव किया। शिविर का संचालन स्वामी कुंदकुंद ने किया।

चतरपुरा, जयपुर



महापरिनिर्वाण दिवस के उपलक्ष्य पर ओशो ध्यान मंदिर में एक दिवसीय उत्सव का आयोजन हुआ। शिविर में सांध्य-सत्संग तथा अनेकों ध्यान-विधियां करवाई गई। ध्यानोत्सव का संचालन स्वामी बोधि उत्थान ने किया।

-स्वामी चैतन्य सत्यार्थी

काठमाण्डू, नेपाल



ओशो तपोवन, अगस्त माह में चार ध्यान शिविर लगे। पूरे माह शिविर में अनेकों नए पुराने साधकों का आगमन हुआ। ओशो की विभिन्न ध्यान विधियों के प्रयोग हुए तथा उनकी देशनाओं पर ऑडियो-वीडियो प्रवचनों को दिखाया-सुनाया गया। 20 मित्रों ने संन्यास लिया। संन्यास उत्सव का संचालन स्वामी आनंद अरुण ने किया।

अटलांटा, यू.एस.ए.

‘‘फ्राम अलोन टू अलोन’’ की यात्रा पर आधारित 17 से 19 अगस्त तीन दिवसीय ओशो मेडिटेशन रिट्रीट का आयोजन हुआ। ध्यान का आकर्षण केंद्र ‘स्वयं की सजगता और जागरूकता’ रहा। शिविर में दो दिन संध्या-सत्संग के कार्यक्रम हुए। स्वामी सत्य वेदांत के सान्निध्य में शेयरिंग सत्र भी लगा जिसमें उपस्थित अनेक मित्रों के प्रश्नों के समाधान हुए। उत्सवपूर्ण माहौल में सभी प्रेमियों ने ध्यान का पूर्ण आनंद लिया।

-मा गंगा