Osho World Online Hindi Magazine :: September 2012
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हास्य-ध्यान

"आनंद बरस रहा है। आनंद तुम्हारा स्वभाव है, अस्तित्व का स्वभाव है। तुम सोए हो, इसलिए अपरिचित हो। खोजना नहीं है कहीं-सिर्फ जाग सिर्फ जाग, सिर्फ होश, सिर्फ पुन; स्मृति अपने निज की-और तत्क्षण बरस उठता है आनंद, जैसे मेघ बरस जाएं!"

-ओशो

  • टीचर क्लास मे पढ़ाते हुए बच्चो आयकर, बिक्रीकर, भूमिकर से मिलता झुलता कोई और शब्द बताओ।
    मोहनः सर एक नही तीन शब्द सुने सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और दिलीप वेंगसरकर।

  • रोहन, "डैडी, ज्यादा काबिल कौन है मैं या आप?"
    डैडी, "मै, क्योंकि मैं एक तो तुम्हारा बाप हूं, दूसरे उम्र में भी तुम से बड़ा हुँ और मेरा तजुर्बा भी तुम से ज्यादा है।
    रोहन, "फिर तो आप जानते होगें कि अमेरिका की खोज किस ने की थी
    डैडी, "कोलम्बस ने की थी"
    रोहन, "कोलम्बस के बाप ने क्यों नहीं की उसका तजुर्बा तो कोलम्बस से कही ज्यादा होगी।

  • एक छोटा बच्चा दूसरे बच्चे से, अगर दिन को सूर्य न निकला तो क्या होगा?
    दूसरे बच्चे ने जवाब दिया, "बिजली का बिल बढ जाएगा।"

  • टीचर (मिन्नी से), "आज स्कूल में देर से आने का तुमने क्या बहाना ढूंढा है?"
    मिन्नी, "सर आज मैं इतनी तेज दौड कर आई कि बहाना सोचने का मौका ही नही मिला।"

  • नया सिपाही (इंस्पैक्टर से) "सर ये बिलकुल गलत है कि मैं उस चोर से डर गया था।"
    इंस्पैक्टर, "तो तुम उस गाड़ी के पीछे क्यों छिपे थे?"
    नया सिपाही, "जी वह तो मैं कुत्ता देख कर छिपा था।"

  • मैंनेजर ने आने वाले से पूछा, "क्या तुम्हें पता नही कि आज्ञा के बिना अन्दर आना मना है।"
    आने वाला, "जनाब मैं आज्ञा लेने के लिए ही अन्दर आया हूं।"

  • अध्यापक, "बाबर भारत मे कब आया?"
    बंटी, "पता नही सर।"
    अध्यापक, "बोर्ड पर नही देख सकते, नाम के साथ ही लिखा है।"
    बंटी, मैंने सोचा, शायद वह उसका फोन नम्बर है।"

  • एक बहानेबाज कर्मचारी का दादा उस के दफ्तर में जा कर उस के बॉस से बोला, "इस दफ्तर में सुनील नाम का व्यक्ति कार्य करता है। मुझे उस से मिलना है वह मेरा पोता है।
    बॉस ने मुस्करा कर कहा, 'मुझे अफसोस है, आप देर से आए है, वह आप के अर्थी को कंधा देने के लिए छुट्टी लेकर जा चुका है।"

  • सेठानी (नौकरानी से,) "क्यों महारानी जी आज आने मे इतनी देर क्यों लगा दी?"
    नौकरानी, "सेठानी जी मै सीढियों से गिर गई थी।"
    सेठानी, "तो क्या उठने मे इतनी देर लगती है।"